अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَارْتَقِبْ: प्रतीक्षा करो, इंतज़ार करो।
- مُرْتَقِبُونَ: प्रतीक्षा करने वाले, इंतज़ार में बैठे हुए।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ प्यारे नबी! आप उस वादे का इंतज़ार करें जो अल्लाह ने आपसे किया है — विजय, सफलता और सत्य के प्रकट होने का। निश्चय ही ये मुशरिकीन भी आपके लिए बुरे दिनों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वे सोचते हैं कि कब आप पर मुसीबत आए और कब आपका काम तमाम हो। लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम कि अंजाम तो अल्लाह के हाथ में है।
यह आयत मुसलमानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी और दिलासा है। अल्लाह तआला अपने नबी को सब्र और भरोसे की तालीम दे रहा है — आप अपने रब के वादे पर यक़ीन रखें और उसकी मदद का इंतज़ार करें। जो लोग आज आपका मज़ाक उड़ा रहे हैं और आपकी नाकामी की दुआएँ कर रहे हैं, वे खुद उसी अंजाम के मुंतज़िर हैं जो उनके लिए तय हो चुका है।
इस आयत में एक गहरा सबक छिपा है — सत्य के पैरोकारों को कभी निराश नहीं होना चाहिए। भले ही दुनिया में मुश्किलें हों, मगर अल्लाह की मदद ज़रूर आती है। जिस तरह नबी करीम ﷺ ने मक्का में तकलीफें सहीं और फिर अल्लाह ने उन्हें फ़तह अता की, उसी तरह आज के मुसलमानों को भी अपने दीन पर क़ायम रहना चाहिए और अल्लाह के वादे का इंतज़ार करना चाहिए। यक़ीनन अल्लाह का वादा सच्चा है — नस्र (मदद) उसी को मिलती है जो सब्र करता है।
याद रखिए, जो लोग आज हँस रहे हैं, उनका अंजाम रोना हो सकता है, और जो आज रो रहे हैं, उनकी आँखें कल मुस्कुरा सकती हैं। अल्लाह के दीन की मदद का वादा क़ुरआन में बार-बार दोहराया गया है। इसलिए मोमिन का काम है — सब्र, भरोसा और इंतज़ार। फ़तह उसी की होगी जो अल्लाह के साथ हो।
📜 आयत 57-59 — अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 59
सूरा अद-दुखान आयत 59 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (नतीजे के) तुम भी मुन्तज़िर रहो ये लोग भी मुन्तज़िर…सूरा आयत 59/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 57–59. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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