अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُحْيِيكُمْ: वह तुम्हें जीवन प्रदान करता है।
- يُمِيتُكُمْ: वह तुम्हें मृत्यु देता है।
- يَجْمَعُكُمْ: वह तुम्हें एकत्र करेगा।
- لَا رَيْبَ فِيهِ: इसमें कोई संदेह नहीं।
- لَا يَعْلَمُونَ: वे नहीं जानते।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से, जो मृत्यु के बाद दोबारा जीवित होने को झुठलाते हैं, कह दीजिए कि यह काम किसी और का नहीं, बल्कि अकेले अल्लाह का है। वही तुम्हें पहली बार जीवन प्रदान करता है, जब तुम कुछ भी नहीं थे। फिर वही तुम्हें मृत्यु देता है, जब तुम्हारी नियत अवधि पूरी हो जाती है। फिर वही तुम सबको क़यामत के दिन एकत्र करेगा, और यह दिन आकर रहेगा—इसमें ज़रा भी संदेह नहीं। जिस प्रकार उसने तुम्हें पहली बार पैदा किया, उसी प्रकार वह तुम्हें दोबारा जीवित करने پر پوری طرح قادر है।
मगर अफ़सोस! अधिकतर लोग इस हक़ीक़त को नहीं जानते, क्योंकि वे ग़ौर-फ़िक्र नहीं करते और अपनी आँखें बंद कर लेते हैं। अगर वे ज़रा सोचते तो समझ जाते कि जिसने पहली बार पैदा किया, वही दोबारा पैदा करने پر भी قادر है। यही वजह है कि वे इस दिन की तैयारी नहीं करते और नेक अमल से दूर रहते हैं।
दावत (नसीहत):
प्यारे भाइयों! यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि मौत अंत नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत का दरवाज़ा है। जिस अल्लाह ने हमें पैदा किया, वही हमें दोबारा ज़िंदा करेगा और हमारे हर अमल का हिसाब लेगा। यह हमारे लिए कितनी बड़ी ख़ुशख़बरी है कि मौत के बाद भी ज़िंदगी है, और अच्छे अमल करने वालों के लिए जन्नत की नेमतें हैं। आओ, हम इस दिन पर ईमान लाएँ और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, ताकि उस दिन हम कामयाब होने वालों में शामिल हों। याद रखिए, जो लोग इस हक़ीक़त से ग़ाफ़िल हैं, वे सिर्फ़ अपना नुक़सान करते हैं, लेकिन जो ईमान लाए और नेक अमल करे, उसके लिए ऐसी कामयाबी है जो कभी ख़त्म नहीं होगी।
📜 आयत 24-28 — अल-जासिया
अनुवाद — अल-जासिया 26
सूरा अल-जासिया आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि ख़ुदा ही तुमको ज़िन्दा…सूरा आयत 26/37 — अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जासिया सुनें, अल-जासिया अनुवाद, अल-जासिया mp3, अल-जासिया pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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