अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آيَاتُنَا بَيِّنَاتٍ: हमारी स्पष्ट आयतें (जो सत्य को उजागर करती हैं)
- حُجَّتَهُمْ: उनकी दलील या सबूत
- ائْتُوا بِآبَائِنَا: हमारे बाप-दादाओं को ले आओ (यानी उन्हें ज़िंदा करके दिखाओ)
तफ़सीर (व्याख्या):
जब इन मुशरिकों (बहुदेववादियों) के सामने हमारी स्पष्ट आयतें पढ़ी जाती हैं, जो क़ियामत और पुनरुत्थान (आख़िरत) का प्रमाण देती हैं, तो वे उन्हें मानने के बजाय कोई ठोस दलील पेश नहीं करते। उनके पास कोई तर्क नहीं होता, सिवाय इसके कि वे मज़ाक़ और हठधर्मी के तौर पर कहते हैं: "अगर तुम सच्चे हो, तो हमारे पूर्वजों को ज़िंदा करके लाओ!"
यह उनकी बेबसी और सत्य से भागने की कोशिश है। वे जानते हैं कि पुनरुत्थान का वादा सच्चा है, लेकिन अपने घमंड और अहंकार के कारण इसे स्वीकार नहीं करना चाहते। वे ऐसी चीज़ की माँग करते हैं जो उनके लिए परीक्षा (इम्तिहान) का हिस्सा नहीं है, क्योंकि दुनिया में पुनरुत्थान का दिखाया जाना सिर्फ़ आख़िरत के लिए है। अल्लाह ने क़ुरआन और रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़रिए सच्चाई को स्पष्ट कर दिया है, और यही उनके लिए काफ़ी है।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों! यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई के सामने हठधर्मी और बहानेबाज़ी नहीं करनी चाहिए। अल्लाह ने हमें क़ुरआन जैसी रोशनी दी है, जो हर युग में ज़िंदा है। हमें चाहिए कि हम उस पर अमल करें और आख़िरत के दिन के लिए तैयारी करें। याद रखिए, पुनरुत्थान का वादा सच्चा है, और उस दिन हर कोई अपने कर्मों का फल पाएगा। आइए, हम अपने दिलों को ईमान की रोशनी से रोशन करें और अल्लाह की आयतों पर ग़ौर करें, ताकि हम उन लोगों में से न हों जो सच्चाई को देखकर भी उसे ठुकरा देते हैं। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 23-27 — अल-जासिया
अनुवाद — अल-जासिया 25
सूरा अल-जासिया आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब उनके सामने हमारी खुली खुली आयतें पढ़ी जाती…सूरा आयत 25/37 — अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जासिया सुनें, अल-जासिया अनुवाद, अल-जासिया mp3, अल-जासिया pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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