Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- غَفْلَةٍ: बेखबरी, लापरवाही, जो चीज़ इंसान को सत्य से दूर रखे।
- غِطَاءَكَ: तुम्हारा पर्दा, वह आवरण जो तुम्हारी आँखों और दिल पर था।
- حَدِيدٌ: तेज़, नुकीला, बहुत पैना — यहाँ इसका मतलब है कि आँख की पैनाई और स्पष्ट दृष्टि।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ इंसान! तुझसे कहा जाएगा कि तू इस दिन (क़ियामत) से पहले दुनिया की ज़िंदगी में बड़ी बेखबरी और ग़फलत में था। तूने उस सच्चाई को नहीं माना जिसे आज तू अपनी आँखों से देख रहा है — जन्नत, जहन्नम, हिसाब और अल्लाह की अदालत। तू अपनी ख्वाहिशों और लज़्ज़तों में डूबा रहा, और उस चीज़ से अंजान रहा जो आज तेरे सामने आ गई।
फिर हमने तेरे उस पर्दे को हटा दिया जो तेरे दिल और आँखों पर था — वह पर्दा जो दुनिया में तेरी ग़फलत, तेरे अहंकार और तेरे पापों ने डाल रखा था। आज वह ग़फलत दूर हो गई, और तेरी आँखें इतनी तेज़ और पैनी हो गई हैं कि तू हर उस चीज़ को साफ़ देख रहा है जिसे दुनिया में तू झुठलाता था और जिस पर यक़ीन नहीं करता था। लेकिन यह देखना अब किसी काम का नहीं, क्योंकि मौका निकल चुका है और तौबा का दरवाज़ा बंद हो चुका है।
दावती पहलू (नसीहत):
यह आयत हमें ज़िंदगी की हक़ीक़त पर ग़ौर करने की ताक़ीद देती है। आज हम दुनिया में हैं, और हमारे सामने वह पर्दा है जो हमें आख़िरत की हक़ीक़तों से छिपाए हुए है। लेकिन यह पर्दा हमारे लिए रहमत है — क्योंकि हमें मौका दिया गया है कि हम ईमान लाएँ, नेक अमल करें और उस दिन से पहले अपने रब की तरफ़ लौटें। क़ुरआन हमें बेदार करता है कि आज की ग़फलत कल पछतावे का सबब न बने। आज ही वह वक़्त है जब हम अपनी आँखों को हिदायत की रोशनी से रोशन कर सकते हैं, अपने दिलों को ईमान की सफ़ाई से पाक कर सकते हैं। अल्लाह ने हमें अक़्ल, समझ और क़ुरआन जैसी नेमत दी है ताकि हम उस पर्दे को खुद हटा लें — ईमान और अमल से — और उस दिन शर्मिंदा न हों जब हर पर्दा उठ जाएगा और हर राज़ खुल जाएगा।
आओ, हम आज ही अपनी ग़फलत से तौबा करें, अपने रब की इबादत की तरफ़ रुजू करें, और उस दिन की तैयारी करें जब आँखें तेज़ होंगी — लेकिन फिर कोई मौका नहीं मिलेगा। यही सच्ची कामयाबी है कि हम उस दिन से पहले उस रास्ते पर चलें जो हमें जन्नत की तरफ़ ले जाए।
📜 आयत 20-24 — सूरा काफ
अनुवाद — काफ 22
सूरा काफ आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और एक (आमाल का) गवाह उससे कहा जाएगा कि उस…सूरा आयत 22/45 — सूरा काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा काफ सुनें, सूरा काफ अनुवाद, सूरा काफ mp3, सूरा काफ pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा काफ
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


