अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- المُتَّقِينَ: वे लोग जो अल्लाह का भय रखते हैं, उसके आदेशों का पालन करते हैं और उसकी मनाही से बचते हैं।
- جَنَّاتٍ: बाग़, बगीचे, जिन्नतें (स्वर्ग के उद्यान)।
- عُيُونٍ: बहते हुए चश्मे, पानी के सोते।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपने पवित्र कलाम के ज़रिए मुत्तक़ियों (परहेज़गारों) की उस शानदार और खुशगवार मंज़िल का ज़िक्र कर रहे हैं जो उनके लिए तैयार की गई है। फ़रमाता है कि जिन लोगों ने दुनिया में अल्लाह का ख़ौफ़ अपने दिलों में बसाया, उसकी इबादत को अपना निशाना बनाया और उसके हुक्मों की पालना में अपनी ज़िंदगी गुज़ारी, वे क़यामत के दिन ऐसे बाग़ात में होंगे जिनके नीचे नहरें बहती होंगी और चश्मे जारी होंगे। यह सिर्फ़ एक बाग़ या एक चश्मा नहीं, बल्कि ऐसी जन्नतें और ऐसे चश्मे हैं जिनकी तरफ़ दुनिया की कोई चीज़ मुक़ाबला नहीं कर सकती।
यह वही लोग हैं जिन्होंने दुनिया की फ़ानी ज़िंदगी में अपने रब की इताअत की, उसकी राह में मुश्किलें बर्दाश्त कीं, और अपने आप को हर उस चीज़ से बचाया जो अल्लाह को नापसंद है। उनका यह परहेज़गारी का रास्ता उन्हें उस मुक़ाम तक ले गया जहाँ उनकी आँखों को ठंडक मिलेगी, उनके दिल खुशियों से भरे होंगे, और उन्हें वह सब कुछ मिलेगा जो वे चाहेंगे। अल्लाह ने उन्हें अपनी रहमत से नवाज़ा और उनकी हर ख्वाहिश पूरी की, और वे अपने इस इनाम पर राज़ी और खुश होंगे।
यह आयत हमें बताती है कि असली कामयाबी दुनिया के माल और दौलत में नहीं, बल्कि अल्लाह की रज़ा और उसके डर में है। जो शख्स दुनिया में अल्लाह से डरकर ज़िंदगी गुज़ारता है, उसके लिए आख़िरत में ऐसी नेअमतें हैं जिनका अंदाज़ा नहीं किया जा सकता। यह खुशखबरी है उन सब लोगों के लिए जो अल्लाह की राह पर चलना चाहते हैं — कि उनका अंजाम कभी बर्बादी नहीं, बल्कि हमेशा की कामयाबी और सुकून है। अल्लाह अपने नेक बंदों से वादा करता है कि वह उन्हें ऐसे बाग़ात और चश्मे देगा जो कभी खत्म नहीं होंगे, और यही उसकी सबसे बड़ी रहमत है।
📜 आयत 13-17 — अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 15
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक परहेज़गार लोग (बेहिश्त के) बाग़ों और चश्मों में (ऐश…सूरा आयत 15/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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