अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آخِذِينَ: लेने वाले, ग्रहण करने वाले
- مَا آتَاهُمْ رَبُّهُمْ: जो कुछ उनके रब ने उन्हें दिया
- مُحْسِنِينَ: नेकी करने वाले, अच्छे कर्म करने वाले
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन मुत्तक़ियों (परहेज़गारों) का वर्णन कर रही है जिन्होंने दुनिया में अल्लाह का डर रखा और उसकी इबादत को अपना शिआर बनाया। जब वे जन्नत में दाखिल होंगे, तो वे उन अनगिनत नेमतों और इनामों को खुशी और रज़ामंदी के साथ हासिल करेंगे जो उनके रब ने उन्हें अता की होंगी। उनका लेना ऐसा होगा जैसे कोई व्यक्ति अपने प्यारे और करीबी से बेहतरीन तोहफा पाकर खुशी से उसे ग्रहण करता है — बिना किसी झिझक, बिना किसी शिकायत के, क्योंकि वह तोहफा इतना उत्तम होगा कि उसमें कोई कमी या दोष नहीं होगा।
फिर अल्लाह तआला बताते हैं कि यह बड़ा इनाम उन्हें यूँ ही नहीं मिला, बल्कि इसका कारण यह था कि वे इससे पहले (दुनिया में) नेकी करने वाले थे। यानी उन्होंने अपनी ज़िंदगी में अच्छे कर्म किए — नमाज़ क़ायम की, ज़कात दी, रोज़े रखे, लोगों के साथ अच्छा व्यवहार किया, माँ-बाप का ख्याल रखा, और हर उस काम को अंजाम दिया जो अल्लाह को पसंद है। उनकी नेकियाँ ही वह ज़रिया बनीं जिसके बदले अल्लाह ने उन्हें यह शानदार जज़ा (इनाम) अता किया।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत और इनाम का दरवाज़ा हर उस इंसान के लिए खुला है जो नेकी करता है। अल्लाह अपने बंदों की छोटी-छोटी नेकियों को भी ज़ाया नहीं करता, बल्कि उन्हें कई गुना बढ़ाकर अता करता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में नेक कामों को अपनाएँ, अल्लाह से डरें और उसकी रज़ा के लिए काम करें — क्योंकि आज की छोटी सी नेकी, कल (आख़िरत में) हमारे लिए बड़ी कामयाबी का सबब बन सकती है। अल्लाह हमें भी उन मुहसिनीन (नेकी करने वालों) में शामिल करे। आमीन।
📜 आयत 14-18 — अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 16
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो उनका परवरदिगार उन्हें अता करता है ये (ख़ुश ख़ुश)…सूरा आयत 16/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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