अज़-ज़ारियात · 14/60
अनुवाद उच्चारण — सूरा अज़-ज़ारियात
ذُوقُوا فِتْنَتَكُمْ هَٰذَا الَّذِي كُنتُم بِهِ تَسْتَعْجِلُونَ ۝١٤
Zooqoo fitnatakum haa zal lazee kuntum bihee tas ta`jiloon
📖 हिंदी अर्थ
(और उनसे कहा जाएगा) अपने अज़ाब का मज़ा चखो ये वही है जिसकी तुम जल्दी मचाया करते थे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • फ़ित्नतकुम (فتنتكم): तुम्हारी आज़माइश, तुम्हारा अज़ाब, यहाँ इसका अर्थ है आग का अज़ाब जो उनके लिए तैयार किया गया है।
  • तस्तअजिलून (تستعجلون): तुम जल्दी माँग रहे थे, तुम शीघ्रता कर रहे थे।

तफ़सीर:

उस दिन जब ये काफ़िर लोग आग में झोंके जाएँगे और उन्हें जलाया जाएगा, तो उनसे कहा जाएगा: "अब चखो अपने उस अज़ाब का मज़ा, जिसे तुम दुनिया में मज़ाक़ समझकर जल्दी माँगा करते थे।" यह वही चीज़ है जिसके बारे में जब नबी ﷺ उन्हें डराते थे और क़यामत का वादा सुनाते थे, तो वे मज़ाक़ उड़ाते हुए कहते थे: "ये वादा कब आएगा? जल्दी लाओ!"

आज वही चीज़ उनके सामने आ चुकी है, और अब वे अपनी उसी जल्दबाज़ी का नतीजा भुगत रहे हैं। यह अज़ाब उनके लिए उनके कुफ़्र और इस्तेहज़ा (मज़ाक़ उड़ाने) की सज़ा है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की बात को हल्के में लेना और उसके अज़ाब का मज़ाक़ उड़ाना कितनी बड़ी भूल है। जो लोग सच्चाई को सुनकर उसे झुठलाते हैं और अल्लाह के वादे को दूर समझते हैं, वे अंततः अपनी ही सज़ा को दावत देते हैं।

मुसलमान के रूप में हमें चाहिए कि हम क़ुरआन की हर आयत को गंभीरता से लें, उस पर अमल करें, और अल्लाह के अज़ाब से डरते हुए उसकी रहमत की तरफ़ दौड़ें। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और उसका वादा सच्चा है। जो लोग दुनिया में मज़ाक़ उड़ाते हैं, वे आख़िरत में पछताएँगे।

अल्लाह हमें सच्ची समझ दे और हमें उन लोगों में से न बनाए जो उसकी आयतों का मज़ाक़ उड़ाते हैं। आमीन।



📜 आयत 12-16 — सूरा अज़-ज़ारियात

12يَسْأَلُونَ أَيَّانَ يَوْمُ الدِّينِ
उस दिन (होगा)
13يَوْمَ هُمْ عَلَى النَّارِ يُفْتَنُونَ
जब इनको (जहन्नुम की) आग में अज़ाब दिया जाएगा
14ذُوقُوا فِتْنَتَكُمْ هَٰذَا الَّذِي كُنتُم بِهِ تَسْتَعْجِلُونَ
(और उनसे कहा जाएगा) अपने अज़ाब का मज़ा चखो ये वही है जिसकी तुम जल्दी मचाया करते थे
15إِنَّ الْمُتَّقِينَ فِي جَنَّاتٍ وَعُيُونٍ
बेशक परहेज़गार लोग (बेहिश्त के) बाग़ों और चश्मों में (ऐश करते) होगें
16آخِذِينَ مَا آتَاهُمْ رَبُّهُمْ ۚ إِنَّهُمْ كَانُوا قَبْلَ ذَٰلِكَ مُحْسِنِينَ
जो उनका परवरदिगार उन्हें अता करता है ये (ख़ुश ख़ुश) ले रहे हैं ये लोग इससे पहले (दुनिया में) नेको कार थे
अज़-ज़ारियातकुरान सूची
60आयत
मक्कीअवतरण स्थान
14आयत

अनुवाद — अज़-ज़ारियात 14

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Saturday, October 3, 2026

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