अज़-ज़ारियात · 42/60
अनुवाद उच्चारण — अज़-ज़ारियात
مَا تَذَرُ مِن شَيْءٍ أَتَتْ عَلَيْهِ إِلَّا جَعَلَتْهُ كَالرَّمِيمِ ۝٤٢
Maa tazaru min shai`in atat `alaihi illaa ja`alat hu karrameem
📖 हिंदी अर्थ
कि जिस चीज़ पर चलती उसको बोसीदा हडडी की तरह रेज़ा रेज़ा किए बग़ैर न छोड़ती
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَذَرُ: छोड़ती है, बाकी रखती है।
  • أَتَتْ عَلَيْهِ: जिस चीज़ पर वह गुज़री।
  • كَالرَّمِيم: सड़े-गले, चूर-चूर हो चुके भूसे या हड्डी के टुकड़े की तरह।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत क़ौमे-आद के अज़ाब का वर्णन कर रही है, जब अल्लाह ने उन पर एक ऐसी तूफ़ानी हवा भेजी जिसमें कोई भलाई नहीं थी, न वह किसी के लिए रहमत लेकर आई और न ही किसी फ़ायदे की चीज़। वह हवा जिस चीज़ पर भी गुज़रती थी, उसे ऐसा तबाह कर देती थी कि वह चीज़ सड़े-गले और रौंदे हुए भूसे जैसी हो जाती थी। चाहे वह इंसान हो, जानवर हो, माल-दौलत हो, खेत-खलिहान हो या मकानात — सब कुछ बिखर कर राख और चूर-चूर हो जाता था। यहाँ तक कि उनके शरीर भी इस हवा की ज़द में आकर टुकड़े-टुकड़े हो गए, और उनकी ताक़त, उनकी बड़ाई और उनके महल सब मिट्टी में मिल गए।

यह अल्लाह का वो अज़ाब था जो उसने उन लोगों पर नाज़िल किया जिन्होंने उसके नबी हज़रत हूद (अलैहिस्सलाम) को झुठलाया और सरकशी में हद से गुज़र गए। वे लोग दुनिया में बहुत ताक़तवर थे, उनके शरीर बुलंद और मज़बूत थे, लेकिन अल्लाह की एक हवा ने उन्हें ऐसा तबाह किया कि उनका कोई निशान बाकी न रहा।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि अल्लाह की ताक़त के आगे किसी की ताक़त काम नहीं आती। जो लोग अल्लाह की नाफ़रमानी में मग्न रहते हैं और उसके दीन से मुँह मोड़ते हैं, वे कभी भी अल्लाह के अज़ाब की लपेट में आ सकते हैं। यह हमें सिखाती है कि हमें अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के हुक्मों की पैरवी करनी चाहिए, अपने गुनाहों से तौबा करनी चाहिए और उस रहमत का सबब बनना चाहिए जो अल्लाह अपने नेक बंदों पर नाज़िल करता है। क्योंकि अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसीअ है — जो लोग उसकी तरफ़ रुजू होते हैं, वह उन्हें बख्श देता है और उन पर अपनी नेमतें उतारता है। याद रखिए, यह दुनिया की ज़िंदगी फ़ानी है, और अल्लाह का अज़ाब उसी पर आता है जो हक़ को झुठलाता है। हमें चाहिए कि हम उन लोगों की तरह न बनें जो अपनी ताक़त और दौलत पर इतरा गए, बल्कि हमेशा अल्लाह के सामने झुके रहें, क्योंकि वही सबसे बड़ा और ताक़तवर है।

🎧 सुनें

📜 आयत 40-44 — अज़-ज़ारियात

40فَأَخَذْنَاهُ وَجُنُودَهُ فَنَبَذْنَاهُمْ فِي الْيَمِّ وَهُوَ مُلِيمٌ
तो हमने उसको और उसके लशकर को ले डाला फिर उन सबको दरिया में पटक दिया
41وَفِي عَادٍ إِذْ أَرْسَلْنَا عَلَيْهِمُ الرِّيحَ الْعَقِيمَ
और वह तो क़ाबिले मलामत काम करता ही था और आद की क़ौम (के हाल) में भी निशानी है हमने उन पर एक बे बरकत ऑंधी चलायी
42مَا تَذَرُ مِن شَيْءٍ أَتَتْ عَلَيْهِ إِلَّا جَعَلَتْهُ كَالرَّمِيمِ
कि जिस चीज़ पर चलती उसको बोसीदा हडडी की तरह रेज़ा रेज़ा किए बग़ैर न छोड़ती
43وَفِي ثَمُودَ إِذْ قِيلَ لَهُمْ تَمَتَّعُوا حَتَّىٰ حِينٍ
और समूद (के हाल) में भी (क़ुदरत की निशानी) है जब उससे कहा गया कि एक ख़ास वक्त तक ख़ूब चैन कर लो
44فَعَتَوْا عَنْ أَمْرِ رَبِّهِمْ فَأَخَذَتْهُمُ الصَّاعِقَةُ وَهُمْ يَنظُرُونَ
तो उन्होने अपने परवरदिगार के हुक्म से सरकशी की तो उन्हें एक रोज़ कड़क और बिजली ने ले डाला और देखते ही रह गए
अज़-ज़ारियातकुरान सूची
60आयत
मक्कीRevelation
42आयत

अनुवाद — अज़-ज़ारियात 42

सूरा अज़-ज़ारियात आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि जिस चीज़ पर चलती उसको बोसीदा हडडी की तरह…

सूरा आयत 42/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए