अज़-ज़ारियात · 6/60
अनुवाद उच्चारण — अज़-ज़ारियात
وَإِنَّ الدِّينَ لَوَاقِعٌ ۝٦
Wa innad deena la waaqi
📖 हिंदी अर्थ
और (आमाल की) जज़ा (सज़ा) ज़रूर होगी

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الدِّين — यहाँ इसका अर्थ हिसाब, बदला और जज़ा (प्रतिफल) है।
  • لَوَاقِع — अवश्य घटित होने वाला, निश्चित रूप से आने वाला, जिसे टाला न जा सके।

तफसीर:

अल्लाह तआला ने इस आयत में उन चीज़ों की क़सम खाई है जो उसकी क़ुदरत और हिकमत की निशानियाँ हैं — हवाएँ जो धूल उड़ाती हैं, बादल जो पानी का भारी बोझ उठाते हैं, जहाज़ जो समुद्र में आसानी से चलते हैं, और फ़रिश्ते जो अल्लाह के हुक्म को मख़लूक़ात में तक़सीम करते हैं। इन अज़ीम चीज़ों की क़सम खाकर अल्लाह फ़रमाता है कि "जिस दिन का तुमसे वादा किया गया है — यानी क़ियामत का दिन, हिसाब का दिन और जज़ा का दिन — वह निश्चित रूप से आकर रहेगा।"

यह कोई शक़ या वहम की बात नहीं, बल्कि एक अटल सच्चाई है। जिस तरह यह क़सम खाने वाली चीज़ें (हवाएँ, बादल, जहाज़, फ़रिश्ते) अपने काम में सच्ची और क़ाबिल-ए-एतिमाद हैं, उसी तरह अल्लाह का वादा भी सच्चा और पक्का है। हर इंसान को एक दिन मरना है, क़ब्र से उठना है, और अपने अमल का हिसाब देना है। नेकी का बदला नेकी से और बुराई का बदला बुराई से मिलेगा। यह ज़रूरी है कि हम इस यक़ीन को अपने दिल में जगह दें और अपनी ज़िंदगी को इस हिसाब के मुताबिक ढालें।

यह आयत हमें बताती है कि दुनिया की ज़िंदगी सिर्फ़ एक इम्तिहान है। जो लोग अल्लाह के हुक्मों पर चलते हैं और उसकी राह में भलाई करते हैं, उनके लिए जन्नत की ख़ुशख़बरी है। और जो लोग अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं और ज़ुल्म करते हैं, उनके लिए अज़ाब का डर है। यह अदल (न्याय) अल्लाह की सुन्नत है — वह किसी पर ज़ुल्म नहीं करता, बल्कि हर किसी को उसके किए का पूरा बदला देता है।

इसलिए ऐ इंसान! इस यक़ीन को अपने दिल में मज़बूत कर ले कि तेरा रब तुझे देख रहा है, तेरे हर अमल का रिकॉर्ड रखा जा रहा है, और एक दिन तू उसके सामने खड़ा होगा। यही वह चीज़ है जो इंसान को गुनाहों से रोकती है और नेकी की तरफ़ ले जाती है। अल्लाह का वादा सच्चा है, और उसका फ़ैसला बिल्कुल अदल पर होगा। क़ियामत का दिन ज़रूर आएगा — इसमें कोई शक़ नहीं।



📜 आयत 4-8 — अज़-ज़ारियात

4فَالْمُقَسِّمَاتِ أَمْرًا
फिर एक ज़रूरी चीज़ (बारिश) को तक़सीम करती हैं
5إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَصَادِقٌ
कि तुम से जो वायदा किया जाता है ज़रूर बिल्कुल सच्चा है
6وَإِنَّ الدِّينَ لَوَاقِعٌ
और (आमाल की) जज़ा (सज़ा) ज़रूर होगी
7وَالسَّمَاءِ ذَاتِ الْحُبُكِ
और आसमान की क़सम जिसमें रहते हैं
8إِنَّكُمْ لَفِي قَوْلٍ مُّخْتَلِفٍ
कि (ऐ अहले मक्का) तुम लोग एक ऐसी मुख्तलिफ़ बेजोड़ बात में पड़े हो
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अनुवाद — अज़-ज़ारियात 6

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सूरा आयत 6/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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