अज़-ज़ारियात · 5/60
अनुवाद उच्चारण — सूरा अज़-ज़ारियात
إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَصَادِقٌ ۝٥
Innamaa too`adoona la-saadiq
📖 हिंदी अर्थ
कि तुम से जो वायदा किया जाता है ज़रूर बिल्कुल सच्चा है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • تُوعَدُونَ — जिस चीज़ का तुमसे वादा किया जा रहा है (यानी क़ियामत, हिसाब, जज़ा और सज़ा)।
  • لَصَادِقٌ — बिल्कुल सच्चा, अटल और निश्चित।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने इस आयत में अपने बंदों को यक़ीन दिलाया है कि जिस चीज़ का उनसे वादा किया गया है—चाहे वह अच्छाई का बदला हो या बुराई की सज़ा, चाहे क़ियामत का दिन हो या जन्नत-जहन्नम का हाल—वह सब बिल्कुल सच्चा और निश्चित है। इसमें कोई शक की गुंजाइश नहीं। यह वादा अल्लाह की तरफ़ से है, और अल्लाह का वादा कभी झूठा नहीं होता। जिस तरह अल्लाह ने इस दुनिया को बनाया और इसमें तरह-तरह के निज़ाम चलाए, उसी तरह उसका यह वादा भी पूरा होकर रहेगा।

यह आयत उन लोगों के लिए एक सख़्त चेतावनी है जो आख़िरत को भूलकर सिर्फ़ दुनिया की ख़्वाहिशों में डूबे हुए हैं। वे समझते हैं कि सब कुछ यहीं ख़त्म हो जाएगा, लेकिन अल्लाह फ़रमा रहा है कि जिस दिन का वादा किया गया है, वह ज़रूर आएगा। उस दिन हर इंसान को उसके अमल का पूरा-पूरा बदला मिलेगा। जिसने नेकी की होगी, वह नेकी का फल पाएगा, और जिसने बुराई की होगी, वह अपने किए की सज़ा भुगतेगा।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि हमारी ज़िंदगी कोई मज़ाक नहीं है, और न ही यह दुनिया हमारा आख़िरी पड़ाव है। हम सबको एक दिन उठना है और अपने रब के सामने हाज़िर होना है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को समझदारी से गुज़ारें, अल्लाह की इबादत करें, उसके हुक्मों पर अमल करें और उसकी मनाही से बचें। यही वह रास्ता है जो हमें उस सच्चे वादे की तरफ़ ले जाएगा जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों से किया है—यानी जन्नत और हमेशा की ख़ुशियाँ। और जो लोग अल्लाह के वादे को झुठलाएँगे, उनके लिए बड़ा अफ़सोसनाक अंजाम है। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 3-7 — सूरा अज़-ज़ारियात

3فَالْجَارِيَاتِ يُسْرًا
फिर आहिस्ता आहिस्ता चलती हैं
4فَالْمُقَسِّمَاتِ أَمْرًا
फिर एक ज़रूरी चीज़ (बारिश) को तक़सीम करती हैं
5إِنَّمَا تُوعَدُونَ لَصَادِقٌ
कि तुम से जो वायदा किया जाता है ज़रूर बिल्कुल सच्चा है
6وَإِنَّ الدِّينَ لَوَاقِعٌ
और (आमाल की) जज़ा (सज़ा) ज़रूर होगी
7وَالسَّمَاءِ ذَاتِ الْحُبُكِ
और आसमान की क़सम जिसमें रहते हैं
अज़-ज़ारियातकुरान सूची
60आयत
मक्कीअवतरण स्थान
5आयत

अनुवाद — अज़-ज़ारियात 5

सूरा अज़-ज़ारियात आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि तुम से जो वायदा किया जाता है ज़रूर बिल्कुल…

सूरा आयत 5/60 — सूरा अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ारियात सुनें, सूरा अज़-ज़ारियात अनुवाद, सूरा अज़-ज़ारियात mp3, सूरा अज़-ज़ारियात pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Friday, October 2, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए