अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وَالنَّجْمِ — तारा/सितारा (यहाँ सामान्य रूप से सभी सितारे मुराद हैं)
- إِذَا هَوَىٰ — जब वह गिरे/डूब जाए (अस्त हो जाए)
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में सितारों की क़सम खाई है जब वे डूबते या गिरते हैं। यह क़सम उस महान सत्य की ओर इशारा करती है जो आगे की आयात में बयान होगा। सितारों का डूबना और उनका अस्त होना अल्लाह की क़ुदरत की निशानी है, और यह उस वक़्त की याद दिलाता है जब सारे सितारे अपनी जगह से हट जाएँगे और क़यामत आ जाएगी।
इस क़सम का मक़सद यह है कि अल्लाह तआला अपने नबी मुहम्मद ﷺ की सच्चाई और उनके पैग़ाम की सच्चाई को साबित करना चाहता है। जिस तरह सितारे अपने नियमित क्रम में चलते हैं और फिर डूब जाते हैं, उसी तरह नबी ﷺ की तालीमात भी हक़ और सच्चाई पर आधारित हैं।
यह क़सम इस बात की गवाही देती है कि मुहम्मद ﷺ न तो गुमराह हुए और न ही उन्होंने कभी सीधे रास्ते को छोड़ा। वे हमेशा हिदायत और सच्चाई पर रहे, और उनका हर क़ौल और अमल अल्लाह की वही पर आधारित था।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि जिस तरह सितारे लोगों के लिए रास्ता दिखाने का ज़रिया हैं, उसी तरह नबी ﷺ की सीरत और उनका संदेश पूरी इंसानियत के लिए रोशनी और हिदायत का ज़रिया है। यह क़सम हमें यक़ीन दिलाती है कि इस्लाम का रास्ता ही सच्चा रास्ता है, और जो लोग इस रास्ते पर चलते हैं वे कभी गुमराह नहीं हो सकते।
अल्लाह तआला ने सितारों की क़सम खाकर हमें इस बात की तरफ़ ध्यान दिलाया है कि जिस तरह सितारे आसमान की ज़ीनत हैं, उसी तरह नबी ﷺ की तालीमात पूरी दुनिया के लिए रहमत और हिदायत हैं। यह आयत हमें नबी ﷺ की मुहब्बत और उनके पैग़ाम को क़बूल करने की तरफ़ बुलाती है, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों।
📜 आयत 1-3 — सूरा अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 1
सूरा अन-नज्म आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तारे की क़सम जब टूटासूरा आयत 1/62 — सूरा अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नज्म सुनें, सूरा अन-नज्म अनुवाद, सूरा अन-नज्म mp3, सूरा अन-नज्म pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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