अन-नज्म · 2/62
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नज्म
مَا ضَلَّ صَاحِبُكُمْ وَمَا غَوَىٰ ۝٢
Maa dalla saahibukum wa maa ghawaa
📖 हिंदी अर्थ
कि तुम्हारे रफ़ीक़ (मोहम्मद) न गुमराह हुए और न बहके

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ضَلَّ (भटकना): सही रास्ते से हट जाना, हिदायत के मार्ग को छोड़ देना।
  • غَوَى (गुमराह होना): भटकाव और रुश्द (सही राह) के विपरीत, अज्ञानता और गलती में पड़ना।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने अपने नबी मुहम्मद ﷺ की पवित्रता और सच्चाई को साबित करने के लिए फ़रमाया: "तुम्हारे साथी (यानी मुहम्मद ﷺ) न तो रास्ता भटके हैं और न ही गुमराह हुए हैं।" यहाँ "साथी" से मुराद खुद रसूलुल्लाह ﷺ हैं, जो क़ुरैश के लोगों के बीच सच्चे और अमानतदार के रूप में जाने जाते थे।

इस आयत में अल्लाह तआला ने दो चीज़ों की नफ़ी (नकार) की है: एक "दलाल" (भटकाव) और दूसरा "ग़वायत" (गुमराही)। दलाल का मतलब है हक़ से इनकार करना और ग़लत रास्ते पर चलना, जबकि ग़वायत का मतलब है जानबूझकर या अज्ञानता से सीधे रास्ते से हट जाना। अल्लाह ने फ़रमाया कि नबी ﷺ इन दोनों ही चीज़ों से पाक और मुबर्रा हैं। वह हर मामले में हिदायत, रुश्द और सच्चाई पर हैं, और उनका हर क़दम अल्लाह की मर्ज़ी के मुताबिक़ है।

यह आयत उन लोगों के लिए एक स्पष्ट जवाब है जो नबी ﷺ पर इल्ज़ाम लगाते थे कि वह भटक गए हैं या गुमराह हो गए हैं। अल्लाह तआला ने अपने नबी की तस्दीक़ में यह बात फ़रमाई ताकि मुसलमानों का दिल मज़बूत हो और उन्हें यक़ीन हो कि उनका नबी हर तरह की बुराई और कमी से पाक है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि नबी ﷺ की ज़िंदगी हर पहलू से हमारे लिए नमूना है। जब अल्लाह ने खुद अपने नबी की गवाही दी कि वह हिदायत पर हैं, तो हमें भी चाहिए कि हम उनकी सुन्नत को अपनाएँ और उनके रास्ते पर चलें। यह हमारे लिए खुशखबरी है कि हमारा रास्ता साफ़ और सच्चा है, और जो लोग इस रास्ते पर चलेंगे, वे कभी भटकेंगे नहीं। अल्लाह हमें अपने नबी की सच्ची मुहब्बत और उनके रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।



📜 आयत 1-4 — सूरा अन-नज्म

1وَالنَّجْمِ إِذَا هَوَىٰ
तारे की क़सम जब टूटा
2مَا ضَلَّ صَاحِبُكُمْ وَمَا غَوَىٰ
कि तुम्हारे रफ़ीक़ (मोहम्मद) न गुमराह हुए और न बहके
3وَمَا يَنطِقُ عَنِ الْهَوَىٰ
और वह तो अपनी नफ़सियानी ख्वाहिश से कुछ भी नहीं कहते
4إِنْ هُوَ إِلَّا وَحْيٌ يُوحَىٰ
ये तो बस वही है जो भेजी जाती है
अन-नज्मकुरान सूची
62आयत
मक्कीअवतरण स्थान
2आयत

अनुवाद — अन-नज्म 2

सूरा अन-नज्म आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि तुम्हारे रफ़ीक़ (मोहम्मद) न गुमराह हुए और न बहके

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Monday, September 28, 2026

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