अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الشِّعْرَى (शिरा): यह एक चमकीला तारा (सितारा) है, जिसे अरब में "मुरज़िम" या "कल्बुल-जब्बार" भी कहा जाता था। यह आकाश के दक्षिणी भाग में दिखाई देता है और जाहिलियत के ज़माने में कुछ लोग इसकी पूजा किया करते थे।
तफसीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपनी रुबूबियत (पालनहार होने) की एक और स्पष्ट निशानी बयान कर रहा है। अल्लाह फ़रमाता है कि वही "शिरा" नामक सितारे का रब (पालनहार) है। यह वही सितारा है जिसे जाहिलियत के दौर में कुछ मुशरिकीन (बहुदेववादी) अपना माबूद बनाकर पूजते थे और उससे अपनी हाजतें माँगते थे। अल्लाह तआला फ़रमा रहा है कि यह सितारा खुद मख़लूक़ (पैदा की हुई चीज़) है, इसका कोई अख़्तियार नहीं, न यह किसी को नुक़सान पहुँचा सकता है और न फ़ायदा। यह अल्लाह की कुदरत का एक नमूना है, जिसे उसने अपनी हिकमत से पैदा किया और अपने हुक्म से चलाया हुआ है। जब यह सितारा खुद अल्लाह की मख़लूक़ है और उसके क़ाबू में है, तो फिर उसकी पूजा करना कैसी जिहालत है? असल माबूद तो सिर्फ़ अल्लाह है, जो इस सितारे का भी रब है और पूरी कायनात का मालिक है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला की कुदरत के नज़ारे हर तरफ़ बिखरे हुए हैं। आसमान के ये चमकते सितारे, चाँद-सूरज, सब अल्लाह की रुबूबियत की गवाही देते हैं। जो लोग इन मख़लूक़ात की पूजा करते थे, अल्लाह ने उन्हें बताया कि ये सब उसके बंदे हैं और उसी के हुक्म के ताबे हैं। आज भी कुछ लोग सितारों, ग्रहों या दूसरी मख़लूक़ात से उम्मीदें जोड़ते हैं, लेकिन सच्ची राह यही है कि हम अपनी हर ज़रूरत सिर्फ़ अल्लाह से माँगें, क्योंकि वही सब कुछ का मालिक है। यह आयत हमें तौहीद (एकेश्वरवाद) की तरफ़ बुलाती है और यह यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह की रहमत और मदद हर चीज़ से बढ़कर है। जो बंदा अपने रब की तरफ़ रुजू करता है, अल्लाह उसे कभी निराश नहीं करता।
📜 आयत 47-51 — अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 49
सूरा अन-नज्म आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये कि वही योअराए का मालिक हैसूरा आयत 49/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








