अल-क़मर · 16/55
अनुवाद उच्चारण — अल-क़मर
فَكَيْفَ كَانَ عَذَابِي وَنُذُرِ ۝١٦
Fakaifa kaana `azaabee wa nuzur
📖 हिंदी अर्थ
तो (उनको) मेरा अज़ाब और डराना कैसा था

🎧 सुनें


📜 आयत 14-18 — अल-क़मर

14تَجْرِي بِأَعْيُنِنَا جَزَاءً لِّمَن كَانَ كُفِرَ
और वह हमारी निगरानी में चल रही थी (ये) उस शख़्श (नूह) का बदला लेने के लिए जिसको लोग न मानते थे
15وَلَقَد تَّرَكْنَاهَا آيَةً فَهَلْ مِن مُّدَّكِرٍ
और हमने उसको एक इबरत बना कर छोड़ा तो कोई है जो इबरत हासिल करे
16فَكَيْفَ كَانَ عَذَابِي وَنُذُرِ
तो (उनको) मेरा अज़ाब और डराना कैसा था
17وَلَقَدْ يَسَّرْنَا الْقُرْآنَ لِلذِّكْرِ فَهَلْ مِن مُّدَّكِرٍ
और हमने तो क़ुरान को नसीहत हासिल करने के वास्ते आसान कर दिया है तो कोई है जो नसीहत हासिल करे
18كَذَّبَتْ عَادٌ فَكَيْفَ كَانَ عَذَابِي وَنُذُرِ
आद (की क़ौम ने) (अपने पैग़म्बर) को झुठलाया तो (उनका) मेरा अज़ाब और डराना कैसा था,
अल-क़मरकुरान सूची
55आयत
मक्कीRevelation
16आयत

अनुवाद — अल-क़मर 16

सूरा अल-क़मर आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (उनको) मेरा अज़ाब और डराना कैसा था

सूरा आयत 16/55 — अल-क़मर القمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़मर सुनें, अल-क़मर अनुवाद, अल-क़मर mp3, अल-क़मर pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए