अर-रहमान · 48/78
अनुवाद उच्चारण — सूरा अर-रहमान
ذَوَاتَا أَفْنَانٍ ۝٤٨
Zawaataaa afnaan
📖 हिंदी अर्थ
दोनों बाग़ (दरख्तों की) टहनियों से हरे भरे (मेवों से लदे) हुए

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ذَوَاتَا: दोनों (जन्नतें) रखने वाली।
  • أَفْنَانٍ: "فَنَن" का बहुवचन, जिसका अर्थ है लंबी, सीधी और हरी-भरी शाखाएँ। यहाँ इससे तात्पर्य उन शाखाओं से है जो फलों और ताज़गी से लदी हों।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने पिछली आयत में दो जन्नतों का ज़िक्र किया था, और अब इस आयत में उन्हीं जन्नतों की एक खूबी बयान कर रहा है। फ़रमाता है कि वे दोनों जन्नतें "अफ़नान" वाली हैं—यानी उनमें लंबी-लंबी, सीधी और हरी-भरी शाखाएँ हैं, जो तरह-तरह के फलों और मेवों से लदी हुई हैं। ये शाखाएँ इतनी घनी और फैली हुई होंगी कि उनकी छाँव में बैठना और उनके फल तोड़ना जन्नती लोगों के लिए बेहद आसान और खुशगवार होगा। यह एक ऐसा दृश्य है जो आँखों को ठंडक और दिल को सुकून देता है—हर तरफ़ हरियाली, हर तरफ़ फल, और हर तरफ़ रहमत।

दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):

यह आयत हमें अल्लाह की उस महान नेमत की याद दिलाती है जो उसने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है। जिस तरह दुनिया में एक हरा-भरा बाग़ इंसान के दिल को खुशी देता है, उसका दिल चाहता है कि वह उसकी छाँव में बैठे और उसके फल खाए—तो जन्नत के उन बाग़ों का क्या ही आलम होगा जिनकी शाखाएँ कभी मुरझाएँगी नहीं, जिनके फल कभी ख़त्म होंगे नहीं, और जिनकी खूबसूरती का कोई अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता। यह हमारे लिए एक दावत है कि हम अपने अमल को सुधारें, अल्लाह की राह में चलें, और उस जन्नत के हक़दार बनें जो "ذَوَاتَا أَفْنَانٍ" है—हरियाली और फलों से भरपूर, जहाँ हर पल खुशी और सुकून होगा। अल्लाह हमें अपनी इस नेमत का हक़दार बनाए और हमें उन बाग़ों तक पहुँचने का रास्ता दिखाए। आमीन।



📜 आयत 46-50 — सूरा अर-रहमान

46وَلِمَنْ خَافَ مَقَامَ رَبِّهِ جَنَّتَانِ
और जो शख्स अपने परवरदिगार के सामने खड़े होने से डरता रहा उसके लिए दो दो बाग़ हैं
47فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने परवरदिगार की कौन कौन सी नेअमत से इन्कार करोगे
48ذَوَاتَا أَفْنَانٍ
दोनों बाग़ (दरख्तों की) टहनियों से हरे भरे (मेवों से लदे) हुए
49فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
फिर दोनों अपने सरपरस्त की किस किस नेअमतों को झुठलाओगे
50فِيهِمَا عَيْنَانِ تَجْرِيَانِ
इन दोनों में दो चश्में जारी होंगें
अर-रहमानकुरान सूची
78आयत
मदनीअवतरण स्थान
48आयत

अनुवाद — अर-रहमान 48

सूरा अर-रहमान आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : दोनों बाग़ (दरख्तों की) टहनियों से हरे भरे (मेवों से…

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Monday, September 28, 2026

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