Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- किफ़्लैन (كِفْلَيْنِ): दो हिस्से, दोहरा हिस्सा, दोगुना अज्र (पुण्य)।
- नूर (نُورًا): रोशनी, प्रकाश, जो सीधा रास्ता दिखाने वाला हो।
- तम्शूना (تَمْشُونَ): तुम चलो, तुम चलते रहो।
तफ़सीर:
ऐ ईमान वालो! अल्लाह से डरो और उसके रसूल (मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर ईमान लाओ। अल्लाह तआला उन लोगों से ख़िताब कर रहा है जो पहले के नबियों (मूसा और ईसा अलैहिस्सलाम) पर ईमान रखते थे, उन्हें हिदायत दी जा रही है कि वे अपने ईमान पर क़ायम रहें और अल्लाह के आख़िरी रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर भी ईमान लाएँ। यह ईमान उनके लिए किसी नई चीज़ का तक़ाज़ा नहीं, बल्कि उसी सच्चाई की तस्दीक़ है जो पहले के नबियों ने दी थी।
अल्लाह का वादा है कि जो लोग तक़वा (परहेज़गारी) अपनाएँगे और रसूल पर ईमान लाएँगे, उन्हें दोहरा अज्र मिलेगा — एक अज्र पहले के नबियों पर ईमान लाने का और दूसरा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर ईमान लाने का। यह अल्लाह की रहमत का ख़ज़ाना है जो वह अपने बंदों पर लुटाता है।
इसके साथ ही अल्लाह उन्हें एक ऐसा नूर (रोशनी) अता करेगा जिसके सहारे वे दुनिया में सीधे रास्ते पर चलेंगे और आख़िरत में पुल-सिरात पर भी यही नूर उनके आगे रोशनी डालेगा। यह नूर उनके ईमान और अच्छे आमाल की बरकत से मिलेगा, जो उनके चेहरों पर, उनके दिलों में और उनके आमाल में ज़ाहिर होगा।
और सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी यह कि अल्लाह उनके गुनाह माफ़ कर देगा — वह उनके गुनाहों को ढाँप देगा और उन पर मुतआल्लिक़ा नहीं करेगा। अल्लाह बड़ा माफ़ करने वाला और बड़ा रहम करने वाला है। उसकी मग़फ़िरत (क्षमा) असीम है और उसकी रहमत हर चीज़ से बढ़कर है।
दावती पहलू:
यह आयत उन लोगों के लिए बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है जो सच्चे दिल से अल्लाह पर ईमान रखते हैं और उसके रसूल की पैरवी करते हैं। अल्लाह ने अपने बंदों के लिए रहमत के दरवाज़े खोल दिए हैं — दोहरा अज्र, नूर और मग़फ़िरत। यह अल्लाह की तरफ़ से एक ऐसा तोहफ़ा है जो किसी और की तरफ़ से नहीं मिल सकता। जो शख्स इस दावत को क़बूल कर लेता है, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हो जाता है। अल्लाह की रहमत से निराश न हों, बल्कि उसकी तरफ़ रुजू करें, उसके रसूल पर ईमान लाएँ और तक़वा अपनाएँ — यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 26-29 — सूरा अल-हदीद
अनुवाद — अल-हदीद 28
सूरा अल-हदीद आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ ईमानदारों ख़ुदा से डरो और उसके रसूल (मोहम्मद) पर…सूरा आयत 28/29 — सूरा अल-हदीद الحديد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हदीद सुनें, सूरा अल-हदीद अनुवाद, सूरा अल-हदीद mp3, सूरा अल-हदीद pdf. आयत 26–29. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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