Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وَبَالَ – बुरा परिणाम, कड़वा अंजाम
- أَمْرِهِمْ – उनके कर्मों का, उनके काम का
- أَلِيمٌ – दर्दनाक, बहुत तकलीफ़ देने वाला
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में यहूदियों की मिसाल देते हुए फ़रमाता है कि इन यहूदियों की हालत, जिन्होंने रसूलुल्लाह ﷺ की दुश्मनी की और अल्लाह के दीन के खिलाफ साज़िशें कीं, बिल्कुल उन लोगों जैसी है जो इनसे पहले थे। यानी मक्का के मुशरिकीन और बनी क़ैनुक़ा के यहूदी, जिन्होंने हाल ही में अपने कुफ्र और अल्लाह के रसूल की दुश्मनी का बुरा अंजाम चख लिया।
जिस तरह मक्का के मुशरिकीन ने बद्र के मैदान में अपने कुफ्र और सरकशी की सज़ा पाई — उनमें से कुछ मारे गए, कुछ क़ैद कर लिए गए — और बनी क़ैनुक़ा के यहूदियों को मदीना से निकाल दिया गया, उसी तरह इन यहूदियों (बनी नज़ीर) ने भी दुनिया में अपने कर्मों का कड़वा फल चखा। उन्होंने अल्लाह और उसके रसूल की नाफ़रमानी की, तो अल्लाह ने उन्हें ज़िल्लत और रुसवाई में डाल दिया, उनके घर-बार छीन लिए और उन्हें जिलावतन कर दिया।
लेकिन यह सिर्फ़ दुनिया की सज़ा है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उनके लिए आख़िरत में और भी दर्दनाक अज़ाब है — यानी जहन्नम की आग, जो कहीं ज़्यादा सख्त और हमेशा रहने वाली है। यह उन लोगों के लिए है जो अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं और उसके दीन से मुँह मोड़ते हैं।
इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है कि अल्लाह की नाफ़रमानी और उसके रसूल ﷺ की दुश्मनी का अंजाम हमेशा बुरा होता है। इतिहास गवाह है कि जिसने भी अल्लाह के दीन से लड़ाई की, उसे दुनिया में भी रुसवाई हुई और आख़िरत में भी सख्त अज़ाब का सामना करना पड़ेगा। इसलिए हमें चाहिए कि अल्लाह की इताअत करें, उसके रसूल ﷺ की सुन्नत को अपनाएँ और अपने आप को उस अज़ाब से बचाएँ जो कभी ख़त्म नहीं होने वाला। अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 13-17 — सूरा अल-हश्र
अनुवाद — अल-हश्र 15
सूरा अल-हश्र आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उनका हाल उन लोगों का सा है जो उनसे कुछ…सूरा आयत 15/24 — सूरा अल-हश्र الحشر (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हश्र सुनें, सूरा अल-हश्र अनुवाद, सूरा अल-हश्र mp3, सूरा अल-हश्र pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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