अल-अनआम · 102/165
अनुवाद उच्चारण — अल-अनआम
ذَٰلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ ۖ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ۖ خَالِقُ كُلِّ شَيْءٍ فَاعْبُدُوهُ ۚ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ وَكِيلٌ ۝١٠٢
Zaalikumul laahu Rabbukum laaa ilaaha illaa huwa khaaliqu kulli shai`in fa`budooh; wa huwa `alaa kulli shai`inw Wakeel
📖 हिंदी अर्थ
(लोगों) वही अल्लाह तुम्हारा परवरदिगार है उसके सिवा कोई माबूद नहीं वही हर चीज़ का पैदा करने वाला है तो उसी की इबादत करो और वही हर चीज़ का निगेह बान है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَكِيلٌ: रक्षक, देखभाल करने वाला, प्रबंधक। अर्थात् जो हर चीज़ का प्रबंधन करे और उसकी देखभाल करे।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह वही अल्लाह है जो तुम्हारा रब (पालनहार) है। उसके सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं। वही हर चीज़ का रचयिता है। आकाश, पृथ्वी, सूर्य, चंद्रमा, तारे, पहाड़, समुद्र, पेड़-पौधे, जानवर, मनुष्य, फ़रिश्ते, जिन्न — सब कुछ उसी की रचना है। जब यह स्थापित हो गया कि वही सब कुछ का ख़ालिक़ (रचयिता) है, तो फिर उसी की इबादत (पूजा) करना आवश्यक है। उसके सिवा किसी और की इबादत करना, चाहे वह बुत हो, पत्थर हो, पैग़म्बर हो या फ़रिश्ता — सब शिर्क है और असत्य है। इसलिए अल्लाह ने आदेश दिया: "उसी की इबादत करो।" अर्थात् उसी के आगे झुको, उसी की आज्ञा का पालन करो, उसी से सहायता माँगो और उसी से डरो। वही हर चीज़ पर वकील है — अर्थात् वही सबका प्रबंधक, रक्षक और देखभाल करने वाला है। वह हर चीज़ को देखता है, हर चीज़ का हिसाब रखता है और हर चीज़ का निर्णय करता है। उसकी देखभाल से कोई चीज़ बाहर नहीं है।

लाभ और शिक्षाएँ:

  1. अल्लाह की रचनात्मक शक्ति और उसके एक होने का प्रमाण हमें उसी की ओर मुड़ने की प्रेरणा देता है। जब हम अपने चारों ओर देखते हैं कि हर चीज़ कितनी सुव्यवस्थित है, तो हमारा दिल अपने आप अल्लाह की ओर झुक जाता है।
  2. यह आयत हमें सिखाती है कि इबादत केवल उसी की होनी चाहिए जो सब कुछ पैदा करने वाला है। जो चीज़ें पैदा की गई हैं, वे पूजा की हक़दार नहीं हो सकतीं।
  3. "वह हर चीज़ पर वकील है" — यह हमारे लिए बहुत बड़ी तसल्ली (सांत्वना) की बात है। हमारी ज़िंदगी के छोटे-बड़े हर मामले की देखभाल अल्लाह कर रहा है। हमें किसी और के आगे हाथ फैलाने की ज़रूरत नहीं।
  4. यह आयत हमें शिर्क से बचने की चेतावनी देती है। जो व्यक्ति अल्लाह के सिवा किसी और को पुकारता है या उससे मदद माँगता है, वह उस सच्चाई को भूल रहा है कि रचयिता और प्रबंधक केवल अल्लाह है।
  5. इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि हमारी ज़िंदगी का हर काम अल्लाह की इबादत के रूप में होना चाहिए — चाहे वह खाना हो, पीना हो, काम करना हो या आराम करना हो। जब हम हर काम अल्लाह की आज्ञा के अनुसार करते हैं, तो वही इबादत बन जाता है।


📜 आयत 100-104 — अल-अनआम

100وَجَعَلُوا لِلَّهِ شُرَكَاءَ الْجِنَّ وَخَلَقَهُمْ ۖ وَخَرَقُوا لَهُ بَنِينَ وَبَنَاتٍ بِغَيْرِ عِلْمٍ ۚ سُبْحَانَهُ وَتَعَالَىٰ عَمَّا يَصِفُونَ
और उन (कम्बख्तों) ने जिन्नात को ख़ुदा का शरीक बनाया हालॉकि जिन्नात को भी ख़ुदा ही ने पैदा किया उस पर भी उन लोगों ने बे समझे बूझे ख़ुदा के लिए बेटे बेटियाँ गढ़ डालीं जो बातों में लोग (उसकी शान में) बयान करते हैं उससे वह पाक व पाकीज़ा और बरतर है
101بَدِيعُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۖ أَنَّىٰ يَكُونُ لَهُ وَلَدٌ وَلَمْ تَكُن لَّهُ صَاحِبَةٌ ۖ وَخَلَقَ كُلَّ شَيْءٍ ۖ وَهُوَ بِكُلِّ شَيْءٍ عَلِيمٌ
सारे आसमान और ज़मीन का मवविद (बनाने वाला) है उसके कोई लड़का क्योंकर हो सकता है जब उसकी कोई बीबी ही नहीं है और उसी ने हर चीज़ को पैदा किया और वही हर चीज़ से खूब वाक़िफ है
102ذَٰلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ ۖ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ۖ خَالِقُ كُلِّ شَيْءٍ فَاعْبُدُوهُ ۚ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ وَكِيلٌ
(लोगों) वही अल्लाह तुम्हारा परवरदिगार है उसके सिवा कोई माबूद नहीं वही हर चीज़ का पैदा करने वाला है तो उसी की इबादत करो और वही हर चीज़ का निगेह बान है
103لَّا تُدْرِكُهُ الْأَبْصَارُ وَهُوَ يُدْرِكُ الْأَبْصَارَ ۖ وَهُوَ اللَّطِيفُ الْخَبِيرُ
उसको ऑंखें देख नहीं सकती (न दुनिया में न आख़िरत में) और वह (लोगों की) नज़रों को खूब देखता है और वह बड़ा बारीक बीन (देख़ने वाला) ख़बरदार है
104قَدْ جَاءَكُم بَصَائِرُ مِن رَّبِّكُمْ ۖ فَمَنْ أَبْصَرَ فَلِنَفْسِهِ ۖ وَمَنْ عَمِيَ فَعَلَيْهَا ۚ وَمَا أَنَا عَلَيْكُم بِحَفِيظٍ
तुम्हारे पास तो सुझाने वाली चीज़े आ ही चुकीं फिर जो देखे (समझे) तो अपने दम के लिए और जो अन्धा बने तो (उसका ज़रर (नुकसान) भी) ख़ुद उस पर है और (ऐ रसूल उन से कह दो) कि मै तुम लोगों का कुछ निगेहबान तो हूँ नहीं
अल-अनआमकुरान सूची
165आयत
मक्कीRevelation
102आयत

अनुवाद — अल-अनआम 102

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सूरा आयत 102/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 100–104. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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