अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- मुहलिक – विनाश करने वाला
- क़ुरा – बस्तियाँ (बहुवचन)
- बिज़ुल्मिन – अत्याचार के साथ
- ग़ाफ़िलून – बेखबर, जिन्हें सचेत न किया गया हो
तफ़सीर:
यह आयत उस महान न्याय और दया की बात करती है जो अल्लाह तआला अपने बंदों के साथ करता है। अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त किसी बस्ती को उसके कु़फ़्र और शिर्क की वजह से विनाश में नहीं डालता, जब तक कि वहाँ के लोगों को सचेत करने के लिए रसूल न भेज दिए हों और उन्हें सच्चाई का संदेश न पहुँचा दिया गया हो। यानी अल्लाह की सुन्नत (रीति) यह है कि वह पहले हुज्जत क़ायम करता है, फिर अज़ाब भेजता है।
यह बात बताती है कि अल्लाह तआला अत्यंत न्यायकारी और दयालु है। वह कभी किसी पर ज़ुल्म नहीं करता और न ही बिना चेतावनी के किसी को सज़ा देता है। जब तक किसी इंसान या समुदाय तक दीन की दावत नहीं पहुँचती, तब तक उस पर अल्लाह की पकड़ नहीं होती। यह अल्लाह का इन्साफ़ है कि उसने इंसानों और जिन्नों दोनों के पास रसूल भेजे, किताबें उतारीं, ताकि कोई यह न कह सके कि हमें तो कुछ पता ही नहीं था।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह तआला ने हमें कितनी बड़ी नेमत दी है — हमारे पास क़ुरआन है, हमारे पास रसूलुल्लाह ﷺ की सुन्नत है, हमारे पास सच्चाई का पैग़ाम पहुँच चुका है। अब हमारे पास कोई बहाना नहीं बचा। यह हमारे लिए एक चेतावनी भी है और एक खुशखबरी भी। खुशखबरी इसलिए कि अल्लाह का दरवाज़ा रहमत से खुला है, और चेतावनी इसलिए कि जिसे हक़ मिल गया और वह उससे मुँह मोड़े, उसके लिए अज़ाब का डर है।
आओ हम अपने रब के इस एहसान का शुक्र अदा करें कि उसने हमें सीधा रास्ता दिखाया, और अपने आपको उन लोगों में न बनाएँ जो दुनिया में ग़ाफ़िल (बेखबर) रहे और आख़िरत में पछतावे के सिवा कुछ हाथ न आए। अल्लाह हमें हिदायत पर साबित क़दम रखे। आमीन।
📜 आयत 129-133 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 131
सूरा अल-अनआम आयत 131 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक ये सब के सब काफिर थे और ये (पैग़म्बरों…सूरा आयत 131/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 129–133. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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