Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رُدُّوا: लौटाए जाएँगे।
- مَوْلَاهُمُ: उनका स्वामी, मालिक और कार्य-संचालक।
- الْحَقِّ: सच्चा, जिसका अस्तित्व और प्रभुत्व वास्तविक हो।
- الْحُكْمُ: फैसला, न्याय और आदेश।
- أَسْرَعُ الْحَاسِبِينَ: हिसाब लेने वालों में सबसे तेज़।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला बताते हैं कि जब सभी प्राणियों की मृत्यु हो जाएगी और क़ियामत का दिन आएगा, तो सभी लोगों को — चाहे वे पहले मर चुके हों या बाद में — उनके सच्चे स्वामी अल्लाह की ओर लौटाया जाएगा। वही उनका वास्तविक मालिक है, जो सृष्टि का प्रबंधन करता है और जिसकी प्रभुता में कोई साझीदार नहीं। उस दिन सारा फैसला और न्याय केवल अल्लाह के हाथ में होगा; किसी और को कोई अधिकार नहीं होगा। वह अपने बंदों के कर्मों का हिसाब इतनी तेज़ी से लेगा कि उसकी गति की तुलना किसी से नहीं की जा सकती। वह सभी प्राणियों का हिसाब एक ही दिन में पूरा कर देगा, जबकि कोई भी प्राणी उसकी इस गति की बराबरी नहीं कर सकता। यह हिसाब अत्यंत न्यायपूर्ण होगा, जिसमें कोई ज़ुल्म या कमी नहीं होगी।
फ़ायदे (उपदेश और शिक्षाएँ):
- अल्लाह की ओर लौटना निश्चित है — यह आयत हमें याद दिलाती है कि मृत्यु के बाद हमें अल्लाह के सामने उपस्थित होना है, इसलिए हमें अपने जीवन को उसी के अनुसार ढालना चाहिए जो उसे पसंद है।
- अल्लाह ही सच्चा स्वामी है — दुनिया में हम जिन चीज़ों को अपना मालिक या सहारा मानते हैं, वे सब अस्थायी हैं। असली मालिक केवल अल्लाह है, इसलिए हमें उसी पर भरोसा करना चाहिए।
- न्याय का दिन अवश्य आएगा — यह आयत हमें विश्वास दिलाती है कि इस दुनिया में चाहे कुछ भी हो, अंतिम न्याय अल्लाह के यहाँ होगा। इससे इंसान में ज़िम्मेदारी का एहसास पैदा होता है और वह अच्छे कर्म करने की प्रेरणा पाता है।
- अल्लाह की गति और शक्ति की महानता — अल्लाह का हिसाब लेना इतना तेज़ है कि वह सभी प्राणियों का एक साथ हिसाब कर सकता है। यह हमें अल्लाह की क़ुदरत का एहसास कराता है और उसके प्रति विनम्रता सिखाता है।
- हिसाब से पहले आत्म-निरीक्षण — यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपने कर्मों की समीक्षा स्वयं करनी चाहिए, ताकि उस दिन हम शर्मिंदा न हों जब सब कुछ खुला होगा।
📜 आयत 60-64 — सूरा अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 62
सूरा अल-अनआम आयत 62 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर ये लोग अपने सच्चे मालिक ख़ुदा के पास वापस…सूरा आयत 62/165 — सूरा अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनआम सुनें, सूरा अल-अनआम अनुवाद, सूरा अल-अनआम mp3, सूरा अल-अनआम pdf. आयत 60–64. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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