अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَلْبِسُوا: मिलाना, मिश्रित करना।
- بِظُلْمٍ: यहाँ 'ज़ुल्म' से अभिप्राय 'शिर्क' (बहुदेववाद) है, जैसा कि हज़रत लुक़मान (अलैहिस्सलाम) की नसीहत में आया है: "वास्तव में शिर्क बहुत बड़ा ज़ुल्म है।"
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के बारे में है जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर ईमान लाया और उसके दीन पर अमल किया, लेकिन साथ ही उन्होंने अपने इस ईमान को शिर्क की गंदगी से मिलाया नहीं। यानी उनका ईमान खालिस और पवित्र है, उसमें किसी प्रकार का बहुदेववाद या मूर्तिपूजा शामिल नहीं है। ऐसे ही लोगों के लिए अल्लाह की ओर से वादा है कि उन्हें पूर्ण सुरक्षा और शांति प्राप्त होगी—दुनिया में भी और आख़िरत में भी। वे किसी भय या चिंता में नहीं होंगे। और वही सच्चे मार्गदर्शन पर हैं, क्योंकि अल्लाह ने उन्हें सीधा रास्ता दिखाया और उन्हें अपनी तौफ़ीक़ से हिदायत दी। यह आयत उन लोगों के लिए एक स्पष्ट निर्णय है जो ईमान और शिर्क को मिला देते हैं—उनके लिए न तो अम्न (सुरक्षा) है और न ही सच्ची हिदायत।
फ़ायदे:
- ईमान की पवित्रता और खालिसपन अल्लाह के यहाँ सबसे महत्वपूर्ण है। शिर्क से बचना ही सच्चे ईमान की निशानी है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि सच्ची शांति और मन की तसल्ली सिर्फ़ अल्लाह पर पूर्ण भरोसा और उसकी इबादत में एकाग्रता से मिलती है, न कि दुनिया के माल या ओहदे से।
- जो व्यक्ति अपने ईमान को शिर्क और बिदअत से बचाए रखता है, अल्लाह उसे दुनिया और आख़िरत दोनों में अम्न (सुरक्षा) अता करता है और उसे सीधे रास्ते पर चलाता है।
- यह आयत मुसलमानों को तौहीद (एकेश्वरवाद) पर स्थिर रहने और हर उस चीज़ से दूर रहने की तरग़ीब देती है जो अल्लाह के साथ किसी को शरीक ठहराए, चाहे वह बड़ा हो या छोटा।
📜 आयत 80-84 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 82
सूरा अल-अनआम आयत 82 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अपने ईमान को…सूरा आयत 82/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 80–84. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








