अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अम (أَمْ): बल्कि, या फिर (यहाँ प्रश्नवाचक और इनकार के अर्थ में है)
- अल-ग़ैब (الْغَيْبُ): छिपी हुई बातें, अदृश्य का ज्ञान, लौह-ए-महफ़ूज़
- फ़हुम यकतुबून (فَهُمْ يَكْتُبُونَ): तो वे लिखते हैं, यानी उस ज्ञान के आधार पर अपनी बातें दर्ज करते हैं
विस्तृत तफ़सीर:
यह आयत उन मक्का के मुशरिकों के बारे में है जो पैग़म्बर मुहम्मद (ﷺ) की दावत का विरोध कर रहे थे और अपने आपको ईमान वालों से बेहतर समझते थे। अल्लाह तआला फ़रमाता है:
क्या उनके पास ग़ैब (अदृश्य) का ज्ञान है? क्या वे लौह-ए-महफ़ूज़ देखते हैं और उससे लिखते हैं? क्या उन्हें वह रहस्य ज्ञात है जो अल्लाह ने अपने बंदों से छिपा रखा है? बिल्कुल नहीं! यह उनका दावा महज़ झूठ और धोखा है।
यह आयत उन लोगों की निराधारता को उजागर करती है जो बिना किसी इल्म और प्रमाण के अपनी राय से फ़ैसले करते हैं और अपने आपको दूसरों से श्रेष्ठ मानते हैं। वे सोचते हैं कि उन्हें कुछ ऐसा ज्ञान प्राप्त है जो दूसरों को नहीं, जबकि हक़ीक़त यह है कि ग़ैब का इल्म सिर्फ़ अल्लाह को है। उसने अपने पैग़म्बरों को भी उतना ही ज्ञान दिया जितना उसने चाहा, और किसी को भी पूर्ण ग़ैब का ज्ञान नहीं है।
इस आयत में एक बड़ी नसीहत है कि इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह के दीन के मामले में अपनी अक़्ल और राय को वही दर्जा दे जो उसे देना चाहिए, और जो बातें अल्लाह और उसके रसूल (ﷺ) से साबित हैं उन्हीं पर अमल करे। किसी को यह अधिकार नहीं कि वह अपनी मनमानी से दीन में बातें जोड़े या घटाए।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हमें अपने जीवन में अहंकार और घमंड से बचना चाहिए। जो व्यक्ति अपने आपको बड़ा समझता है और दूसरों को छोटा, वह दरअसल उसी अंधकार में है जिसमें ये मुशरिक थे। अल्लाह तआला इंसानों के दिलों के हाल जानता है और वही सबसे बड़ा न्यायकारी है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि सच्चा इल्म वही है जो अल्लाह की तरफ से आया है—क़ुरआन और सुन्नत। जो इंसान इन दोनों को पकड़े रहेगा, वह सीधे रास्ते पर रहेगा, और जो इन्हें छोड़कर अपनी राय और ख़्वाहिशों के पीछे चलेगा, वह गुमराही में पड़ेगा। अल्लाह हम सबको सीधा रास्ता दिखाए। आमीन।
📜 आयत 45-49 — अल-क़लम
अनुवाद — अल-क़लम 47
सूरा अल-क़लम आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : या उनके इस ग़ैब (की ख़बर) है कि ये लोग…सूरा आयत 47/52 — अल-क़लम القلم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़लम सुनें, अल-क़लम अनुवाद, अल-क़लम mp3, अल-क़लम pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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