Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَالْمَلَكُ: यहाँ "मलक" से मुराद फ़रिश्ते हैं।
- عَلَى أَرْجَائِهَا: "अर्जाइहा" का अर्थ है आसमान के किनारे और कोने।
- وَيَحْمِلُ عَرْشَ رَبِّكَ: और तेरे रब का अर्श (सिंहासन) उठाए हुए होंगे।
- فَوْقَهُمْ: उन फ़रिश्तों के ऊपर।
- ثَمَانِيَةٌ: आठ फ़रिश्ते।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब सूर (नरसिंगा) में एक ही फूँक मारी जाएगी, और यह पहली फूँक होगी जिससे पूरी दुनिया तबाह हो जाएगी, तो ज़मीन और पहाड़ अपनी जगहों से उखड़कर टकराएँगे और चूर-चूर हो जाएँगे। उसी वक़्त क़यामत बरपा हो जाएगी, और आसमान फट जाएगा। उस दिन आसमान बेहद कमज़ोर और ढीला हो जाएगा, उसमें कोई मज़बूती और सख़्ती नहीं रहेगी। फ़रिश्ते आसमान के किनारों और कोनों पर खड़े होंगे, और उस दिन तेरे रब का अर्श (सिंहासन) आठ बड़े फ़रिश्ते अपने सिरों के ऊपर उठाए हुए होंगे। ये फ़रिश्ते अल्लाह के सबसे करीबी और अज़ीम मख़लूक़ हैं, जो उसके अर्श को अपनी क़ुदरत से उठाएँगे।
फिर उस दिन तुम सब लोग अल्लाह के सामने पेश किए जाओगे, हिसाब और जज़ा (बदला) के लिए। अल्लाह पर तुम्हारी कोई बात छिपी नहीं होगी, चाहे वह कितनी ही पोशीदा (छिपी हुई) क्यों न हो। यह वो दिन है जब हर इंसान को उसके अमल का सामना करना होगा, और अल्लाह की अदालत में कोई सिफ़ारिश या रिश्तेदारी काम नहीं आएगी, सिवाय उसके जिसे अल्लाह ख़ुद इजाज़त दे।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें उस अज़ीम दिन की याद दिलाती है जब सारी कायनात बदल जाएगी। आसमान फट जाएगा, ज़मीन और पहाड़ चूर-चूर हो जाएँगे, और अल्लाह का अर्श आठ फ़रिश्तों के कंधों पर होगा। यह अल्लाह की अज़मत और क़ुदरत का मंज़र है, जिसके सामने हर शख़्स झुक जाएगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम इस दिन के लिए तैयारी करें, अपने अमलों को सुधारें, नेकियाँ कमाएँ और गुनाहों से बचें। यह दिन उन लोगों के लिए ख़ुशी का होगा जो अल्लाह के फरमाँबरदार हैं, और उन लोगों के लिए अफ़सोस का जो उसकी नाफ़रमानी में ज़िंदगी गुज़ारते हैं। अल्लाह हमें उस दिन के लिए अच्छी तैयारी करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 15-19 — सूरा अल-हाक़्का
अनुवाद — अल-हाक़्का 17
सूरा अल-हाक़्का आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम्हारे परवरदिगार के अर्श को उस दिन आठ फ़रिश्ते…सूरा आयत 17/52 — सूरा अल-हाक़्का الحاقة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हाक़्का सुनें, सूरा अल-हाक़्का अनुवाद, सूरा अल-हाक़्का mp3, सूरा अल-हाक़्का pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-हाक़्का
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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