Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَصُدُّونَ: रोकते हैं, हटाते हैं
- سَبِيلِ اللَّهِ: अल्लाह का रास्ता, यानी इस्लाम और ईमान
- يَبْغُونَهَا: उस (रास्ते) में चाहते हैं, उसके लिए तलाश करते हैं
- عِوَجًا: टेढ़ापन, विकृति
- كَافِرُونَ: इनकार करने वाले, न मानने वाले
तफ़सीर (व्याख्या):
ये वे लोग हैं जो खुद अल्लाह के सीधे रास्ते से भटक जाते हैं और दूसरों को भी इस रास्ते पर चलने से रोकते हैं। वे न केवल खुद इस रास्ते को अपनाने से इनकार करते हैं, बल्कि अपनी पूरी कोशिश करते हैं कि इस रास्ते में टेढ़ापन और विकृति पैदा कर दें, ताकि लोगों को यह रास्ता सही न लगे और वे इसे छोड़ दें। वे इस्लाम के बारे में झूठी बातें फैलाते हैं, उसमें संदेह पैदा करते हैं और उसे बुरा दिखाने की कोशिश करते हैं। इसके साथ ही वे आख़िरत (परलोक) को भी नहीं मानते — न मृत्यु के बाद के जीवन पर विश्वास रखते हैं, न ही अच्छे और बुरे कर्मों के हिसाब और जज़ा-सज़ा पर ईमान लाते हैं। यही कारण है कि वे अपने कुकर्मों से बाज़ नहीं आते और दूसरों को भी सीधे रास्ते से भटकाने में लगे रहते हैं।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का रास्ता सीधा और स्पष्ट है, और हमें उसे ही अपनाना चाहिए, चाहे दुनिया में कितने ही लोग उसका विरोध करें।
- हमें चाहिए कि हम न केवल खुद इस रास्ते पर चलें, बल्कि दूसरों को भी इसकी ओर बुलाएँ और किसी को भी इस रास्ते से भटकाने की कोशिश न करें।
- आख़िरत पर ईमान इंसान को अच्छे कर्म करने की प्रेरणा देता है और बुराई से रोकता है। जो लोग आख़िरत को नहीं मानते, वे बेलगाम होकर गलत कामों में पड़ जाते हैं।
- यह आयत हमें सावधान करती है कि जो लोग अल्लाह के रास्ते में रुकावटें डालते हैं और उसे बदनाम करते हैं, वे अल्लाह की नज़र में बड़े अपराधी हैं और उनका अंजाम बहुत बुरा होगा।
- इस्लाम सिखाता है कि हमें सच्चाई और नेकी के रास्ते को साफ़ और सीधा रखना चाहिए, और किसी भी तरह की धोखाधड़ी या भ्रष्टाचार से बचना चाहिए, क्योंकि यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की रहमत और जन्नत तक पहुँचाता है।
📜 आयत 43-47 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 45
सूरा अल-आराफ आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो ख़ुदा की राह से लोगों को रोकते थे और…सूरा आयत 45/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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