अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَقْسَمْتُمْ – तुमने क़सम खाई थी
- لَا يَنَالُهُمُ – उन्हें नहीं मिलेगी / उन तक नहीं पहुँचेगी
- بِرَحْمَةٍ – रहमत (दया) के साथ
- لَا خَوْفٌ عَلَيْكُمْ – न तुम्हें कोई भय होगा
- وَلَا أَنْتُمْ تَحْزَنُونَ – और न ही तुम उदास होगे
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस दृश्य का वर्णन करती है जो आख़िरत में अहले आ'राफ़ (ऊँची दीवारों वालों) और जहन्नुमियों के बीच होगा। जब अहले आ'राफ़ के लोग उन अमीर और घमंडी काफ़िरों को देखेंगे जो दुनिया में ग़रीब और कमज़ोर मुसलमानों का मज़ाक उड़ाया करते थे और कहते थे कि ये लोग कभी जन्नत में नहीं जाएँगे, तो अल्लाह तआला उन काफ़िरों से फ़रमाएगा: "क्या यही वे लोग हैं जिनके बारे में तुम क़समें खाया करते थे कि अल्लाह इन पर कभी रहमत नहीं करेगा और इन्हें जन्नत में दाख़िल नहीं करेगा?" यह कहकर अल्लाह उन काफ़िरों को शर्मिंदा करेगा, क्योंकि आज वही ग़रीब और कमज़ोर मुसलमान जन्नत की नेमतों में होंगे, जबकि वे घमंडी लोग जहन्नम के अज़ाब में होंगे।
फिर अल्लाह तआला उन मोमिनों से फ़रमाएगा: "तुम जन्नत में दाख़िल हो जाओ, तुम्हारे लिए न कोई डर है और न ही कोई ग़म।" यानी आने वाले समय में तुम्हें किसी अज़ाब या सज़ा का भय नहीं होगा, और न ही तुम्हें दुनिया में छूटी हुई चीज़ों का मलाल होगा, क्योंकि जन्नत की नेमतें उन सब चीज़ों से कहीं बेहतर हैं जो दुनिया में थीं।
इस आयत में बड़ी सीख है कि अल्लाह के नज़दीक इज़्ज़त का पैमाना माल और दौलत नहीं, बल्कि तक़वा और ईमान है। जो लोग दुनिया में कमज़ोर और ग़रीब नज़र आते हैं, वही अल्लाह के यहाँ प्यारे हो सकते हैं। यह आयत हमें सिखाती है कि किसी को उसकी ज़ाहिरी हालत की वजह से हक़ीर न समझें, क्योंकि अल्लाह जिसे चाहता है अपनी रहमत से नवाज़ता है।
याद रखिए, अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उस पर ईमान लाते हैं, उसके रसूल की पैरवी करते हैं और अच्छे काम करते हैं। दुनिया की दौलत और ऊँचे दर्जे किसी को अल्लाह के यहाँ बड़ा नहीं बना सकते। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने दिल को अहंकार से पाक रखें और हर इंसान के साथ अच्छा सुलूक करें, क्योंकि शायद वही अल्लाह के यहाँ हमसे बेहतर हो।
📜 आयत 47-51 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 49
सूरा अल-आराफ आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो तुम दुनिया में किया करते थे यही लोग वह…सूरा आयत 49/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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