अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अद (عاد): यह हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम के बाद आने वाली एक प्राचीन और शक्तिशाली क़ौम थी, जो अहक़ाफ़ (यमन और ओमान के बीच रेत के टीलों वाले इलाक़े) में रहती थी।
- हूद (هود): अल्लाह के नबी, जो क़ौमे आद की तरफ़ भेजे गए। वे उसी क़ौम से थे, इसलिए उन्हें "उनका भाई" कहा गया है।
- तक़वा (تَتَّقُونَ): अल्लाह के अज़ाब से बचने के लिए उसकी आज्ञा का पालन करना और उसकी मनाही से बचना।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) के बाद क़ौमे आद की तरफ़ उन्हीं में से एक व्यक्ति हज़रत हूद (अलैहिस्सलाम) को रसूल बनाकर भेजा। यह क़ौम अपनी ताक़त और ऊँची इमारतों के कारण घमंड में डूबी हुई थी और मूर्तियों की पूजा करती थी। हज़रत हूद (अलैहिस्सलाम) ने उन्हें संबोधित करते हुए कहा: "ऐ मेरी क़ौम! केवल अल्लाह की इबादत करो, क्योंकि उसके अलावा तुम्हारा कोई सच्चा पूज्य नहीं है। ये मूर्तियाँ जिन्हें तुम पूजते हो, न तो तुम्हें लाभ पहुँचा सकती हैं और न ही हानि। क्या तुम अल्लाह के अज़ाब से नहीं डरते? क्या तुम उसकी नाराज़गी से बचने का रास्ता नहीं अपनाते?" उन्होंने अपनी क़ौम को एकेश्वरवाद (तौहीद) की ओर बुलाया और उन्हें चेतावनी दी कि यदि वे अपने शिर्क और अवज्ञा पर बने रहे, तो अल्लाह का अज़ाब उन्हें अपनी लपेट में ले लेगा।
फ़ायदे:
- अल्लाह ने हर क़ौम की तरफ़ उन्हीं की ज़बान और उन्हीं में से रसूल भेजे, ताकि लोग आसानी से समझ सकें। यह अल्लाह की रहमत और हिकमत की निशानी है।
- दावत का मूल सिद्धांत तौहीद (अल्लाह की एकता) है — सबसे पहले लोगों को शिर्क से बचाकर अल्लाह की इबादत की ओर बुलाना चाहिए।
- नबी अपनी क़ौम के लिए शुभचिंतक होता है और उन्हें अज़ाब से डराता है, यही सच्ची नसीहत है।
- इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह के अज़ाब से डरे और तक़वा अपनाए, क्योंकि तक़वा ही अज़ाब से बचने का ज़रिया है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि सांसारिक ताक़त और ऐशो-आराम इंसान को अल्लाह की इबादत से ग़ाफ़िल नहीं करना चाहिए, क्योंकि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है।
📜 आयत 63-67 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 65
सूरा अल-आराफ आयत 65 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (हमने) क़ौम आद की तरफ उनके भाई हूद को…सूरा आयत 65/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 63–67. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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