Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فِي الْفُلْكِ: नाव (जहाज़) में।
- عَمِينَ: अंधे (यानी आँखें होते हुए भी सत्य देखने से अंधे, जिनके दिलों की आँखें बंद थीं)।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को अल्लाह का संदेश पहुँचाया और उन्हें सच्चाई की ओर बुलाया, तो उनकी क़ौम ने उन्हें झुठलाया और उनकी बात मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने न केवल उन्हें झुठलाया, बल्कि उनके खिलाफ़ ज़िद और अकड़ पर अड़े रहे। आख़िरकार अल्लाह का वादा पूरा हुआ—अल्लाह ने हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) को और उनके साथ नाव में सवार ईमानवालों को बचा लिया, और उन लोगों को डुबो दिया जिन्होंने अल्लाह की आयतों (निशानियों) को झुठलाया था। यह उनकी सज़ा थी, क्योंकि वे दिल के अंधे थे—उनकी आँखें खुली थीं, लेकिन उनके दिल सत्य को देखने से अंधे थे। वे अल्लाह की निशानियाँ देखकर भी उनसे सबक़ नहीं लेते थे, इसलिए उनका अंजाम तबाही और ग़रक़ होना बना।
फ़ायदे (सबक़):
- अल्लाह अपने नबियों और उनके साथियों की हमेशा मदद करता है, चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों। यह ईमानवालों के लिए सबसे बड़ी तसल्ली है कि अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता।
- सत्य का इनकार करने और उस पर अड़े रहने का अंजाम हमेशा बुरा होता है। अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और वह ज़ालिमों को कभी बख़्शता नहीं।
- दिल का अंधापन सबसे बड़ी बीमारी है—आँखों का अंधा इंसान रास्ता पूछकर चल सकता है, लेकिन दिल का अंधा कभी हिदायत नहीं पा सकता। इसलिए हमें अपने दिलों को साफ़ रखना चाहिए और हर निशानी से सबक़ लेना चाहिए।
- यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह की रहमत और अज़ाब दोनों हक़ हैं। जो लोग नबियों की बात मानते हैं, वे रहमत के हक़दार बनते हैं, और जो झुठलाते हैं, वे अज़ाब के। यह हमारे लिए चेतावनी है कि हम अपने नबी (ﷺ) की शिक्षाओं पर अमल करें और उन्हें कभी न भूलें।
📜 आयत 62-66 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 64
सूरा अल-आराफ आयत 64 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इस पर भी लोगों ने उनकों झुठला दिया तब हमने…सूरा आयत 64/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 62–66. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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