अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَصِيلَتِهِ (फ़सीलतहि): उसका क़रीबी कुनबा, ख़ानदान और रिश्तेदार।
- الَّتِي تُؤْوِيهِ (अल्लती तु'वीहि): जो उसे अपने पास जगह देती है, उसे पनाह देती है और जिसके पास वह सहारे के लिए जाता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
क़यामत के दिन का मंज़र बहुत ही भयानक और सख़्त होगा। उस दिन हर इंसान सिर्फ़ अपनी फ़िक्र में होगा। काफ़िर और गुनहगार इंसान उस अज़ाब से बचने के लिए हर मुमकिन क़ुर्बानी देने को तैयार हो जाएगा। वह चाहेगा कि काश! वह अपने बच्चों को, अपनी बीवी को, अपने भाई को, और अपने उस क़रीबी कुनबे को जो दुनिया में उसे पनाह देता था, मुसीबत के वक़्त उसके साथ खड़ा रहता था और जिसके पास वह सुकून और सहारे के लिए जाता था — उन सबको फ़िद्या (मुआवज़े) के तौर पर दे दे, बल्कि रू-ए-ज़मीन के तमाम लोगों को दे दे, ताकि वह अल्लाह के अज़ाब से बच जाए। लेकिन यह सिर्फ़ उसकी आरज़ू होगी, हक़ीक़त में उस दिन कोई किसी के काम न आएगा, न कोई रिश्ता काम आएगा और न ही कोई दोस्ती।
यह आयत हमें बताती है कि दुनिया में जिन रिश्तों और कुनबे पर इंसान को नाज़ होता है और जिन्हें वह अपनी ताक़त समझता है, क़यामत के दिन वे सब बेकार हो जाएंगे। असल काम सिर्फ़ अल्लाह पर ईमान और नेक अमल ही आएगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की राह में भलाई के काम करें, अपने रिश्तेदारों के साथ अच्छा सुलूक करें, लेकिन यह न भूलें कि हमारी नजात सिर्फ़ अल्लाह की रहमत और उसके हुक्म की पैरवी में है। आओ, हम अपने अमल को दुरुस्त करें और उस दिन की शर्मिंदगी से बचने की कोशिश करें, क्योंकि वह दिन बहुत क़रीब है।
📜 आयत 11-15 — अल-मआरिज
अनुवाद — अल-मआरिज 13
सूरा अल-मआरिज आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसके कुनबे को जिसमें वह रहता थासूरा आयत 13/44 — अल-मआरिज المعارج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मआरिज सुनें, अल-मआरिज अनुवाद, अल-मआरिज mp3, अल-मआरिज pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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