Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَمَن فِي الْأَرْضِ جَمِيعًا: और धरती में जो भी है, उन सबको (फिदया देकर)।
- ثُمَّ يُنجِيهِ: फिर यह फिदया उसे (अल्लाह के अज़ाब से) बचा ले।
तफ़सीर:
क़ियामत के दिन का मंज़र बहुत भयानक होगा। उस दिन काफ़िर अपने बच्चों, अपनी पत्नी, अपने भाई और अपने क़रीबी रिश्तेदारों को देखेगा और पहचानेगा, लेकिन कोई किसी के काम न आएगा। वह चाहेगा कि काश! वह अपने आपको अल्लाह के अज़ाब से बचाने के लिए इन सबको फिदया (बदले) में दे दे। यहाँ तक कि वह धरती में मौजूद हर इंसान, जिन्न और हर चीज़ को फिदया में देने की इच्छा रखेगा, बशर्ते कि इसके बदले में उसे अज़ाब से नजात मिल जाए। लेकिन यह सिर्फ़ एक ख़्वाहिश होगी, जो कभी पूरी नहीं होगी। अल्लाह का अज़ाब उस दिन ऐसा होगा कि कोई फिदया, कोई सिफ़ारिश और कोई वसीला किसी के काम न आएगा।
यह आयत हमें बताती है कि क़ियामत का दिन कितना सख्त और भयानक होगा। इसलिए हमें चाहिए कि आज ही अपने आख़िरत को संवारें, अल्लाह की इबादत करें, उसके हुक्मों पर अमल करें और उसकी नाफ़रमानी से बचें। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और रहीम है, उसने हमें ज़िंदगी का यह मौक़ा दिया है कि हम तौबा कर लें और अपने गुनाहों से बाज़ आ जाएँ। जो आज अल्लाह की राह पर चलेगा, उसे क़ियामत के दिन किसी फिदया की ज़रूरत नहीं होगी, बल्कि अल्लाह उसे अपने फज़ल से जन्नत अता करेगा। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 12-16 — सूरा अल-मआरिज
अनुवाद — अल-मआरिज 14
सूरा अल-मआरिज आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जितने आदमी ज़मीन पर हैं सब को ले ले…सूरा आयत 14/44 — सूरा अल-मआरिज المعارج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मआरिज सुनें, सूरा अल-मआरिज अनुवाद, सूरा अल-मआरिज mp3, सूरा अल-मआरिज pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मआरिज
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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