अल-मआरिज · 12/44
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मआरिज
وَصَاحِبَتِهِ وَأَخِيهِ ۝١٢
Wa saahibatihee wa akheeh
📖 हिंदी अर्थ
और उसकी बीवी और उसके भाई

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَصَاحِبَتِهِ: उसकी पत्नी
  • وَأَخِيهِ: और उसका भाई

तफ़सीर:

यह आयत क़ियामत के दिन के उस भयानक दृश्य का वर्णन कर रही है जब हर इंसान सिर्फ़ अपनी फ़िक्र में होगा। उस दिन काफ़िर अपने सबसे करीबी रिश्तेदारों को देखेगा और पहचानेगा, लेकिन कोई किसी के काम नहीं आ सकेगा। वह चाहेगा कि काश! वह अपने बच्चों को, अपनी पत्नी को, अपने भाई को, अपने ख़ानदान और क़बीले को — जिन्होंने दुनिया में उसे पनाह दी थी — और यहाँ तक कि पूरी ज़मीन के सभी लोगों को फ़िदया (मुआवज़े) के तौर पर दे दे, ताकि वह अल्लाह के अज़ाब से बच जाए।

यह आयत उस दिन की सख़्ती और हैबत को बयान करती है। जब इंसान अपने सबसे प्यारे और करीबी लोगों — जैसे पत्नी और भाई — को भी अपनी नजात (मुक्ति) के लिए क़ुर्बान करने को तैयार हो जाए, तो समझ लीजिए कि वहाँ का हाल कितना भयानक होगा। यह उन लोगों के लिए एक सख़्त चेतावनी है जो दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं और आख़िरत को भूल जाते हैं।

लेकिन इसी के साथ यह मोमिनों के लिए एक ख़ुशख़बरी भी है कि जो लोग अल्लाह के अहकाम पर चलते हैं और रसूल ﷺ की सुन्नत पर अमल करते हैं, उन्हें उस दिन किसी तरह का ख़ौफ़ नहीं होगा। वे अपने चेहरों पर नूर के साथ हश्र के मैदान में आएँगे और उनके लिए जन्नत की ख़ुशख़बरी होगी। अल्लाह तआला हम सबको उस भयानक दिन के अज़ाब से बचाए और हमें अमल-ए-सालिह की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।



📜 आयत 10-14 — सूरा अल-मआरिज

10وَلَا يَسْأَلُ حَمِيمٌ حَمِيمًا
बावजूद कि एक दूसरे को देखते होंगे
11يُبَصَّرُونَهُمْ ۚ يَوَدُّ الْمُجْرِمُ لَوْ يَفْتَدِي مِنْ عَذَابِ يَوْمِئِذٍ بِبَنِيهِ
कोई किसी दोस्त को न पूछेगा गुनेहगार तो आरज़ू करेगा कि काश उस दिन के अज़ाब के बदले उसके बेटों
12وَصَاحِبَتِهِ وَأَخِيهِ
और उसकी बीवी और उसके भाई
13وَفَصِيلَتِهِ الَّتِي تُؤْوِيهِ
और उसके कुनबे को जिसमें वह रहता था
14وَمَن فِي الْأَرْضِ جَمِيعًا ثُمَّ يُنجِيهِ
और जितने आदमी ज़मीन पर हैं सब को ले ले और उसको छुटकारा दे दें
अल-मआरिजकुरान सूची
44आयत
मक्कीअवतरण स्थान
12आयत

अनुवाद — अल-मआरिज 12

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Friday, October 2, 2026

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