अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَصَاحِبَتِهِ: उसकी पत्नी
- وَأَخِيهِ: और उसका भाई
तफ़सीर:
यह आयत क़ियामत के दिन के उस भयानक दृश्य का वर्णन कर रही है जब हर इंसान सिर्फ़ अपनी फ़िक्र में होगा। उस दिन काफ़िर अपने सबसे करीबी रिश्तेदारों को देखेगा और पहचानेगा, लेकिन कोई किसी के काम नहीं आ सकेगा। वह चाहेगा कि काश! वह अपने बच्चों को, अपनी पत्नी को, अपने भाई को, अपने ख़ानदान और क़बीले को — जिन्होंने दुनिया में उसे पनाह दी थी — और यहाँ तक कि पूरी ज़मीन के सभी लोगों को फ़िदया (मुआवज़े) के तौर पर दे दे, ताकि वह अल्लाह के अज़ाब से बच जाए।
यह आयत उस दिन की सख़्ती और हैबत को बयान करती है। जब इंसान अपने सबसे प्यारे और करीबी लोगों — जैसे पत्नी और भाई — को भी अपनी नजात (मुक्ति) के लिए क़ुर्बान करने को तैयार हो जाए, तो समझ लीजिए कि वहाँ का हाल कितना भयानक होगा। यह उन लोगों के लिए एक सख़्त चेतावनी है जो दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं और आख़िरत को भूल जाते हैं।
लेकिन इसी के साथ यह मोमिनों के लिए एक ख़ुशख़बरी भी है कि जो लोग अल्लाह के अहकाम पर चलते हैं और रसूल ﷺ की सुन्नत पर अमल करते हैं, उन्हें उस दिन किसी तरह का ख़ौफ़ नहीं होगा। वे अपने चेहरों पर नूर के साथ हश्र के मैदान में आएँगे और उनके लिए जन्नत की ख़ुशख़बरी होगी। अल्लाह तआला हम सबको उस भयानक दिन के अज़ाब से बचाए और हमें अमल-ए-सालिह की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 10-14 — अल-मआरिज
अनुवाद — अल-मआरिज 12
सूरा अल-मआरिज आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसकी बीवी और उसके भाईसूरा आयत 12/44 — अल-मआरिज المعارج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मआरिज सुनें, अल-मआरिज अनुवाद, अल-मआरिज mp3, अल-मआरिज pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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