नूह · 13/28
अनुवाद उच्चारण — सूरा नूह
مَّا لَكُمْ لَا تَرْجُونَ لِلَّهِ وَقَارًا ۝١٣
Maa lakum laa tarjoona lillaahi waqaaraa
📖 हिंदी अर्थ
तुम्हें क्या हो गया है कि तुम ख़ुदा की अज़मत का ज़रा भी ख्याल नहीं करते

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • तर्जून: डरना, खौफ खाना, उम्मीद न रखना (यहाँ अर्थ है अल्लाह की अज़मत का डर)
  • वक़ार: अज़मत, बुज़ुर्गी, शान-ओ-शौकत, रोअब

तफसीर:

ऐ मेरी क़ौम के लोगो! तुम्हें क्या हो गया है कि तुम अल्लाह की अज़मत और उसकी बुज़ुर्गी से नहीं डरते? तुम उसकी शान का ख़याल नहीं करते और उसके हुक्म की परवाह किए बिना उसकी नाफ़रमानी करते हो। क्या तुम्हें यह अंदेशा नहीं कि वह ज़बरदस्त क़ुदरत रखने वाला है, और तुम उसके सामने हिसाब दोगे?

यह नूह अलैहिस्सलाम का वह सवाल है जो उन्होंने अपनी क़ौम से पूछा था जब वे उन्हें तौहीद की तरफ बुला रहे थे। वे उन्हें समझा रहे थे कि जिस अल्लाह की इबादत की तरफ मैं तुम्हें बुला रहा हूँ, वही तुम्हारा ख़ालिक़ है, वही तुम्हारा रिज़्क़ देने वाला है, और वही तुम्हारी हर ज़रूरत को पूरा करने वाला है। तो फिर तुम उसकी अज़मत से क्यों नहीं डरते? तुम उसके आगे झुकते क्यों नहीं?

अगर तुम अल्लाह की अज़मत का सही एहसास कर लो, तो तुम कभी उसकी नाफ़रमानी नहीं कर सकते। यही वह चीज़ है जो इंसान को गुनाह से रोकती है। जब दिल में अल्लाह का खौफ होता है, तो इंसान हर काम में सोचता है कि कहीं यह काम अल्लाह को नाराज़ तो नहीं करेगा।

और याद रखो, अल्लाह की अज़मत का एहसास ही वह चाबी है जो तुम्हारे लिए रहमतों के दरवाज़े खोलती है। जब तुम अल्लाह से डरोगे और उसकी तरफ रुजू करोगे, तो वह तुम्हारे गुनाह माफ करेगा, तुम्हारी रिज़्क़ में बरकत देगा, और तुम्हें दुनिया और आख़िरत की भलाइयाँ अता करेगा। अल्लाह की अज़मत से डरना ही असल में उसकी रहमत की तरफ ले जाने वाला रास्ता है।



📜 आयत 11-15 — सूरा नूह

11يُرْسِلِ السَّمَاءَ عَلَيْكُم مِّدْرَارًا
(और) तुम पर आसमान से मूसलाधार पानी बरसाएगा
12وَيُمْدِدْكُم بِأَمْوَالٍ وَبَنِينَ وَيَجْعَل لَّكُمْ جَنَّاتٍ وَيَجْعَل لَّكُمْ أَنْهَارًا
और माल और औलाद में तरक्क़ी देगा, और तुम्हारे लिए बाग़ बनाएगा, और तुम्हारे लिए नहरें जारी करेगा
13مَّا لَكُمْ لَا تَرْجُونَ لِلَّهِ وَقَارًا
तुम्हें क्या हो गया है कि तुम ख़ुदा की अज़मत का ज़रा भी ख्याल नहीं करते
14وَقَدْ خَلَقَكُمْ أَطْوَارًا
हालॉकि उसी ने तुमको तरह तरह का पैदा किया
15أَلَمْ تَرَوْا كَيْفَ خَلَقَ اللَّهُ سَبْعَ سَمَاوَاتٍ طِبَاقًا
क्या तुमने ग़ौर नहीं किया कि ख़ुदा ने सात आसमान ऊपर तलें क्यों कर बनाए
नूहकुरान सूची
28आयत
मक्कीअवतरण स्थान
13आयत

अनुवाद — नूह 13

सूरा नूह आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुम्हें क्या हो गया है कि तुम ख़ुदा की अज़मत…

सूरा आयत 13/28 — सूरा नूह نوح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा नूह सुनें, सूरा नूह अनुवाद, सूरा नूह mp3, सूरा नूह pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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