अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَوَاكِهَ: फल, मीठे फल
- يَشْتَهُونَ: वे इच्छा करते हैं, वे चाहते हैं
व्याख्या:
यह आयत उन लोगों के लिए उस महान प्रतिफल का वर्णन कर रही है जिन्होंने दुनिया में अपने रब से डरकर उसके आदेशों का पालन किया और उसकी मनाही से बचे रहे। ऐसे लोगों के लिए क़यामत के दिन वह सब कुछ होगा जो वे चाहेंगे। उनके सामने तरह-तरह के स्वादिष्ट फल होंगे, जिन्हें देखकर उनका दिल ललचाएगा और जो भी फल वे चाहेंगे, वह उनके सामने मौजूद होगा। यह अल्लाह की ओर से उनका सम्मान और इनाम होगा।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की जन्नत में वह सब कुछ है जो इंसान का दिल चाहता है और आँखों को अच्छा लगता है। वहाँ की नेअमतें (आशीर्वाद) सिर्फ खाने-पीने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर वह चीज़ जो इंसान के लिए खुशी और आराम का कारण बने, वहाँ मौजूद होगी। यह अल्लाह की उस महान दया का प्रमाण है जो वह अपने नेक बंदों पर करता है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि दुनिया की असली ज़िंदगी बहुत छोटी है, और असली सुख-चैन आख़िरत में है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं और उसकी राह पर चलते हैं, उनके लिए आख़िरत में ऐसी नेअमतें हैं जिनका कोई अंत नहीं। अल्लाह ने अपने बंदों से वादा किया है कि जो लोग उससे डरेंगे और अच्छे कर्म करेंगे, उन्हें वह ऐसी जगह देगा जहाँ हर तरह की खुशियाँ होंगी।
यह आयत हमें अल्लाह की रहमत की ओर आकर्षित करती है और बताती है कि अल्लाह अपने बंदों से बहुत प्यार करता है। उसने अपने बंदों के लिए ऐसी जगह तैयार की है जहाँ वे हमेशा खुश रहेंगे। इसलिए हमें चाहिए कि हम दुनिया में अल्लाह के आदेशों का पालन करें और उसकी मनाही से बचें, ताकि हम उस महान इनाम के हक़दार बन सकें। यह वादा सच्चा है और अल्लाह अपने वादे को पूरा करने वाला है।
📜 आयत 40-44 — अल-मुरसलात
अनुवाद — अल-मुरसलात 42
सूरा अल-मुरसलात आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और चश्मों और आदमियों में जो उन्हें मरग़ूब होसूरा आयत 42/50 — अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुरसलात सुनें, अल-मुरसलात अनुवाद, अल-मुरसलात mp3, अल-मुरसलात pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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