अल-मुरसलात · 46/50
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुरसलात
كُلُوا وَتَمَتَّعُوا قَلِيلًا إِنَّكُم مُّجْرِمُونَ ۝٤٦
Kuloo wa tamatta`oo qaleelan innakum mujrimoon
📖 हिंदी अर्थ
(झुठलाने वालों) चन्द दिन चैन से खा पी लो तुम बेशक गुनेहगार हो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كُلُوا (खाओ) — यहाँ इसका अर्थ है दुनिया की भौतिक चीज़ों से लाभ उठाना।
  • وَتَمَتَّعُوا (और आनंद लो) — सांसारिक सुख-सुविधाओं और इच्छाओं की पूर्ति से मज़ा लेना।
  • قَلِيلًا (थोड़ा) — बहुत कम समय के लिए, क्योंकि दुनिया की ज़िंदगी आख़िरत के मुक़ाबले में बिल्कुल थोड़ी है।
  • مُجْرِمُونَ (अपराधी) — वे लोग जो कुफ़्र और शिर्क के कारण गुनाहगार हैं और अल्लाह की यातना के हक़दार हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला काफ़िरों और झुठलाने वालों को एक कड़ी चेतावनी दे रहा है। यह वह मौक़ा है जब आख़िरत में उनसे कहा जाएगा, या दुनिया में ही उन्हें ख़िताब किया जा रहा है: "खाओ और आनंद लो, लेकिन यह सब बहुत थोड़े समय के लिए है।" यानी दुनिया की यह ज़िंदगी, उसकी नेअमतें, उसके सुख-सुविधाएँ — सब कुछ फ़ानी है, चंद रोज़ की है। यह कोई स्थायी चीज़ नहीं है।

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि तुम लोग अपने कुफ़्र, शिर्क और रसूलों को झुठलाने की वजह से मुजरिम (अपराधी) हो। तुम्हारा यह अस्थायी आनंद तुम्हें उस स्थायी यातना से नहीं बचा सकता जो तुम्हारे लिए तैयार है। यह एक तरह से उन्हें मोहलत देना है, लेकिन इस मोहलत का अंजाम बहुत बुरा होगा।

यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की ज़िंदगी एक इम्तिहान की जगह है, न कि आराम और मौज-मस्ती की जगह। जो लोग अल्लाह को भूलकर सिर्फ़ दुनिया के सुखों में मग्न हो जाते हैं, वे असल में अपने आप को बड़े नुक़सान में डाल रहे हैं। क़ुरआन हमें बार-बार याद दिलाता है कि यह ज़िंदगी बहुत छोटी है, और आख़िरत की ज़िंदगी हमेशा की है। जो लोग इस छोटी सी ज़िंदगी को अपना सब कुछ समझ लेते हैं, वे उस हमेशा की ज़िंदगी को खो देते हैं।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमारे लिए एक जागृति का पैग़ाम है। हमें चाहिए कि हम दुनिया की चंद रोज़ा ज़िंदगी को आख़िरत की हमेशा की ज़िंदगी पर कभी तरजीह न दें। अल्लाह ने हमें जो नेअमतें दी हैं, उनका सही इस्तेमाल करें, उसकी इबादत करें, और उसके रसूल की पैरवी करें। यही हमारी कामयाबी का रास्ता है। अल्लाह तआला हम सबको समझ दे और हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।



📜 आयत 44-48 — सूरा अल-मुरसलात

44إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِي الْمُحْسِنِينَ
मुबारक हम नेकोकारों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं
45وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
उस दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
46كُلُوا وَتَمَتَّعُوا قَلِيلًا إِنَّكُم مُّجْرِمُونَ
(झुठलाने वालों) चन्द दिन चैन से खा पी लो तुम बेशक गुनेहगार हो
47وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
उस दिन झुठलाने वालों की मिट्टी ख़राब है
48وَإِذَا قِيلَ لَهُمُ ارْكَعُوا لَا يَرْكَعُونَ
और जब उनसे कहा जाता है कि रूकूउ करों तो रूकूउ नहीं करते
अल-मुरसलातकुरान सूची
50आयत
मक्कीअवतरण स्थान
46आयत

अनुवाद — अल-मुरसलात 46

सूरा अल-मुरसलात आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (झुठलाने वालों) चन्द दिन चैन से खा पी लो तुम…

सूरा आयत 46/50 — सूरा अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुरसलात सुनें, सूरा अल-मुरसलात अनुवाद, सूरा अल-मुरसलात mp3, सूरा अल-मुरसलात pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Wednesday, September 30, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए