अल-अनफाल · 59/75
अनुवाद उच्चारण — अल-अनफाल
وَلَا يَحْسَبَنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا سَبَقُوا ۚ إِنَّهُمْ لَا يُعْجِزُونَ ۝٥٩
Wa laa yahsabannal lazeena kafaroo sabaqooo; innahum laa yu`jizoon
📖 हिंदी अर्थ
और कुफ्फ़ार ये न ख्याल करें कि वह (मुसलमानों से) आगे बढ़ निकले (क्योंकि) वह हरगिज़ (मुसलमानों को) हरा नहीं सकते
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • سَبَقُوا (सबक़ू) – भाग निकले, बच निकले, आगे निकल गए।
  • يُعْجِزُونَ (यु'जिज़ून) – अल्लाह को विवश कर दें, उसकी पकड़ से बच निकलें, उसे असमर्थ कर दें।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन काफ़िरों के बारे में है जो बद्र के मैदान से भागे थे और समझ रहे थे कि वे अल्लाह की पकड़ से बच गए हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये काफ़िर हरगिज़ यह ख़्याल न करें कि वे हमारी पकड़ से बच निकले हैं या हमें विवश कर दिया है। वे अल्लाह को असमर्थ नहीं कर सकते। चाहे वे कितनी भी दूर भाग जाएँ, चाहे वे कितनी भी ताकत और साज़िशें इकट्ठा कर लें, अल्लाह की क़ुदरत से बाहर निकलना उनके बस में नहीं। अल्लाह उन्हें पकड़कर रहेगा और उनकी सारी कोशिशें नाकाम होंगी। यह बात उन सभी काफ़िरों के लिए है जो अल्लाह की आयतों को झुठलाते हैं और उसके दीन को मिटाने की कोशिश करते हैं। वे समझते हैं कि वे अपनी ताकत और हथियारों के बल पर बच निकलेंगे, लेकिन सच्चाई यह है कि अल्लाह उन्हें कभी छोड़ेगा नहीं। उनकी सारी चालें और योजनाएँ अल्लाह के इल्म में हैं और वह उन्हें उनके किए की सज़ा देकर रहेगा।

फ़ायदे (शिक्षाएँ):

  1. इस आयत से मुसलमानों को यह सबक मिलता है कि अल्लाह पर पूरा भरोसा रखें। चाहे दुश्मन कितना भी ताकतवर क्यों न हो, अल्लाह की पकड़ से कोई नहीं बच सकता। इसलिए किसी भी हालत में हिम्मत न हारें और अल्लाह पर भरोसा बनाए रखें।
  2. यह आयत काफ़िरों और अत्याचारियों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि वे अपनी ताकत और साज़िशों पर घमंड न करें। उनकी सारी कोशिशें बेकार जाएँगी और अल्लाह उन्हें पकड़कर रहेगा। इससे मुसलमानों को यह तसल्ली मिलती है कि ज़ुल्म और कुफ्र का अंजाम हमेशा बुरा होता है।
  3. इस आयत से यह भी पता चलता है कि अल्लाह की क़ुदरत और इल्म हर चीज़ पर छाया हुआ है। कोई भी चीज़ उससे छिपी नहीं है और कोई भी उसकी पकड़ से बाहर नहीं। यही वजह है कि मुसलमान को चाहिए कि वह हमेशा अल्लाह की इबादत और उसकी आज्ञा का पालन करे, क्योंकि वही सब कुछ देखने और जानने वाला है।
🎧 सुनें

📜 आयत 57-61 — अल-अनफाल

57فَإِمَّا تَثْقَفَنَّهُمْ فِي الْحَرْبِ فَشَرِّدْ بِهِم مَّنْ خَلْفَهُمْ لَعَلَّهُمْ يَذَّكَّرُونَ
तो अगर वह लड़ाई में तुम्हारे हाथे चढ़ जाएँ तो (ऐसी सख्त गोश्माली दो कि) उनके साथ साथ उन लोगों का तो अगर वह लड़ाई में तुम्हारे हत्थे चढ़ जाएं तो (ऐसी सजा दो की) उनके साथ उन लोगों को भी तितिर बितिर कर दो जो उन के पुश्त पर हो ताकि ये इबरत हासिल करें
58وَإِمَّا تَخَافَنَّ مِن قَوْمٍ خِيَانَةً فَانبِذْ إِلَيْهِمْ عَلَىٰ سَوَاءٍ ۚ إِنَّ اللَّهَ لَا يُحِبُّ الْخَائِنِينَ
और अगर तुम्हें किसी क़ौम की ख्यानत (एहद शिकनी(वादा ख़िलाफी)) का ख़ौफ हो तो तुम भी बराबर उनका एहद उन्हीं की तरफ से फेंक मारो (एहदो शिकन के साथ एहद शिकनी करो ख़ुदा हरगिज़ दग़ाबाजों को दोस्त नहीं रखता
59وَلَا يَحْسَبَنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا سَبَقُوا ۚ إِنَّهُمْ لَا يُعْجِزُونَ
और कुफ्फ़ार ये न ख्याल करें कि वह (मुसलमानों से) आगे बढ़ निकले (क्योंकि) वह हरगिज़ (मुसलमानों को) हरा नहीं सकते
60وَأَعِدُّوا لَهُم مَّا اسْتَطَعْتُم مِّن قُوَّةٍ وَمِن رِّبَاطِ الْخَيْلِ تُرْهِبُونَ بِهِ عَدُوَّ اللَّهِ وَعَدُوَّكُمْ وَآخَرِينَ مِن دُونِهِمْ لَا تَعْلَمُونَهُمُ اللَّهُ يَعْلَمُهُمْ ۚ وَمَا تُنفِقُوا مِن شَيْءٍ فِي سَبِيلِ اللَّهِ يُوَفَّ إِلَيْكُمْ وَأَنتُمْ لَا تُظْلَمُونَ
और (मुसलमानों तुम कुफ्फार के मुकाबले के) वास्ते जहाँ तक तुमसे हो सके (अपने बाज़ू के) ज़ोर से और बॅधे हुए घोड़े से लड़ाई का सामान मुहय्या करो इससे ख़ुदा के दुश्मन और अपने दुश्मन और उसके सिवा दूसरे लोगों पर भी अपनी धाक बढ़ा लेगें जिन्हें तुम नहीं जानते हो मगर ख़ुदा तो उनको जानता है और ख़ुदा की राह में तुम जो कुछ भी ख़र्च करोगें वह तुम पूरा पूरा भर पाओगें और तुम पर किसी तरह ज़ुल्म नहीं किया जाएगा
61۞ وَإِن جَنَحُوا لِلسَّلْمِ فَاجْنَحْ لَهَا وَتَوَكَّلْ عَلَى اللَّهِ ۚ إِنَّهُ هُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
और अगर ये कुफ्फार सुलह की तरफ माएल हो तो तुम भी उसकी तरफ माएल हो और ख़ुदा पर भरोसा रखो (क्योंकि) वह बेशक (सब कुछ) सुनता जानता है
अल-अनफालकुरान सूची
75आयत
मदनीRevelation
59आयत

अनुवाद — अल-अनफाल 59

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सूरा आयत 59/75 — अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनफाल सुनें, अल-अनफाल अनुवाद, अल-अनफाल mp3, अल-अनफाल pdf. आयत 57–61. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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