Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَبَقُوا (सबक़ू) – भाग निकले, बच निकले, आगे निकल गए।
- يُعْجِزُونَ (यु'जिज़ून) – अल्लाह को विवश कर दें, उसकी पकड़ से बच निकलें, उसे असमर्थ कर दें।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन काफ़िरों के बारे में है जो बद्र के मैदान से भागे थे और समझ रहे थे कि वे अल्लाह की पकड़ से बच गए हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये काफ़िर हरगिज़ यह ख़्याल न करें कि वे हमारी पकड़ से बच निकले हैं या हमें विवश कर दिया है। वे अल्लाह को असमर्थ नहीं कर सकते। चाहे वे कितनी भी दूर भाग जाएँ, चाहे वे कितनी भी ताकत और साज़िशें इकट्ठा कर लें, अल्लाह की क़ुदरत से बाहर निकलना उनके बस में नहीं। अल्लाह उन्हें पकड़कर रहेगा और उनकी सारी कोशिशें नाकाम होंगी। यह बात उन सभी काफ़िरों के लिए है जो अल्लाह की आयतों को झुठलाते हैं और उसके दीन को मिटाने की कोशिश करते हैं। वे समझते हैं कि वे अपनी ताकत और हथियारों के बल पर बच निकलेंगे, लेकिन सच्चाई यह है कि अल्लाह उन्हें कभी छोड़ेगा नहीं। उनकी सारी चालें और योजनाएँ अल्लाह के इल्म में हैं और वह उन्हें उनके किए की सज़ा देकर रहेगा।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- इस आयत से मुसलमानों को यह सबक मिलता है कि अल्लाह पर पूरा भरोसा रखें। चाहे दुश्मन कितना भी ताकतवर क्यों न हो, अल्लाह की पकड़ से कोई नहीं बच सकता। इसलिए किसी भी हालत में हिम्मत न हारें और अल्लाह पर भरोसा बनाए रखें।
- यह आयत काफ़िरों और अत्याचारियों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि वे अपनी ताकत और साज़िशों पर घमंड न करें। उनकी सारी कोशिशें बेकार जाएँगी और अल्लाह उन्हें पकड़कर रहेगा। इससे मुसलमानों को यह तसल्ली मिलती है कि ज़ुल्म और कुफ्र का अंजाम हमेशा बुरा होता है।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि अल्लाह की क़ुदरत और इल्म हर चीज़ पर छाया हुआ है। कोई भी चीज़ उससे छिपी नहीं है और कोई भी उसकी पकड़ से बाहर नहीं। यही वजह है कि मुसलमान को चाहिए कि वह हमेशा अल्लाह की इबादत और उसकी आज्ञा का पालन करे, क्योंकि वही सब कुछ देखने और जानने वाला है।
📜 आयत 57-61 — सूरा अल-अनफाल
अनुवाद — अल-अनफाल 59
सूरा अल-अनफाल आयत 59 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और कुफ्फ़ार ये न ख्याल करें कि वह (मुसलमानों से)…सूरा आयत 59/75 — सूरा अल-अनफाल الأنفال (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अनफाल सुनें, सूरा अल-अनफाल अनुवाद, सूरा अल-अनफाल mp3, सूरा अल-अनफाल pdf. आयत 57–61. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अनफाल
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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