अल-मुतफ्फिफीन · 16/36
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुतफ्फिफीन
ثُمَّ إِنَّهُمْ لَصَالُو الْجَحِيمِ ۝١٦
Summa innahum lasaa lul jaheem
📖 हिंदी अर्थ
फिर ये लोग ज़रूर जहन्नुम वासिल होंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَصَالُو (लसालू): दाखिल होने वाले, प्रवेश करने वाले, जलने वाले।
  • الْجَحِيمِ (अल-जहीम): भड़कती हुई आग, नरक की आग।

तफसीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिन लोगों ने रोज़-ए-जज़ा (प्रतिदान के दिन) को झुठलाया और अल्लाह की आयतों को बकवास कहा, उनके लिए अंजाम यह होगा कि पहले तो वे अपने रब की रहमत और दीदार से महरूम रहेंगे, और फिर उसके बाद उन्हें नरक की भड़कती हुई आग में झोंक दिया जाएगा। वे उस आग में बिना किसी रुकावट के दाखिल होंगे और उसकी तपिश और जलन को अपने जिस्म पर महसूस करेंगे। यह उनके उस इनकार और ज़ुल्म का बदला होगा जो वे दुनिया में करते रहे।

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का इन्साफ़ बिल्कुल सटीक है। जिसने दुनिया में हक़ को नकारा और गुनाहों में डूबा रहा, उसे आख़िरत में अपने किए की सज़ा भुगतनी पड़ेगी। लेकिन साथ ही यह भी याद रखें कि अल्लाह की रहमत बहुत बड़ी है। जो लोग दुनिया में अपनी ग़लतियों से तौबा कर लें और अल्लाह की तरफ़ लौट आएं, उनके लिए मग़फिरत और जन्नत के दरवाज़े खुले हैं। अल्लाह ने क़ुरआन में हमें आगाह किया है ताकि हम उसके अज़ाब से डरें और उसकी रहमत की तरफ़ दौड़ें। यही सच्ची कामयाबी है कि हम अपने रब की इबादत करें, उसके हुक्मों पर चलें और उस दिन के लिए तैयारी करें जब हर इंसान को उसके अमल का बदला मिलेगा।



📜 आयत 14-18 — सूरा अल-मुतफ्फिफीन

14كَلَّا ۖ بَلْ ۜ رَانَ عَلَىٰ قُلُوبِهِم مَّا كَانُوا يَكْسِبُونَ
नहीं नहीं बात ये है कि ये लोग जो आमाल (बद) करते हैं उनका उनके दिलों पर जंग बैठ गया है
15كَلَّا إِنَّهُمْ عَن رَّبِّهِمْ يَوْمَئِذٍ لَّمَحْجُوبُونَ
बेशक ये लोग उस दिन अपने परवरदिगार (की रहमत से) रोक दिए जाएँगे
16ثُمَّ إِنَّهُمْ لَصَالُو الْجَحِيمِ
फिर ये लोग ज़रूर जहन्नुम वासिल होंगे
17ثُمَّ يُقَالُ هَٰذَا الَّذِي كُنتُم بِهِ تُكَذِّبُونَ
फिर उनसे कहा जाएगा कि ये वही चीज़ तो है जिसे तुम झुठलाया करते थे
18كَلَّا إِنَّ كِتَابَ الْأَبْرَارِ لَفِي عِلِّيِّينَ
ये भी सुन रखो कि नेको के नाम ए अमाल इल्लीयीन में होंगे
अल-मुतफ्फिफीनकुरान सूची
36आयत
मक्कीअवतरण स्थान
16आयत

अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 16

सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर ये लोग ज़रूर जहन्नुम वासिल होंगे

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Wednesday, September 30, 2026

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