अल-मुतफ्फिफीन · 17/36
अनुवाद उच्चारण — अल-मुतफ्फिफीन
ثُمَّ يُقَالُ هَٰذَا الَّذِي كُنتُم بِهِ تُكَذِّبُونَ ۝١٧
Summa yuqaalu haazal lazee kuntum bihee tukazziboon
📖 हिंदी अर्थ
फिर उनसे कहा जाएगा कि ये वही चीज़ तो है जिसे तुम झुठलाया करते थे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ثُمَّ يُقَالُ: फिर कहा जाएगा
  • هَذَا: यह
  • الَّذِي كُنتُم بِهِ تُكَذِّبُونَ: जिसे तुम झुठलाया करते थे

विस्तृत तफसीर:

क़ियामत के दिन जब ये मुँहज़ोर काफ़िर और मुन्किर लोग जहन्नुम की आग में झोंक दिए जाएँगे, और उस भयानक अज़ाब का सामना करेंगे, तो उस वक़्त अल्लाह के फ़रिश्ते (ज़बानिया) उन्हें डाँटते हुए और मलामत करते हुए कहेंगे: "यह वही अज़ाब है जिसे तुम दुनिया में झुठलाया करते थे।" यानी जब रसूल ﷺ उन्हें इस दिन के अज़ाब से डराते थे, तो ये लोग उसे मज़ाक़ समझते थे और कहते थे कि ये सब झूठ है। आज उन्हें वह सब कुछ आँखों से देखना पड़ रहा है जिसे वे नामुमकिन समझते थे।

यह वाक्य उनके लिए सबसे बड़ी रुसवाई और शर्मिंदगी का क्षण होगा। जब वे अपनी आँखों से उस अज़ाब को देखेंगे जिसे वे झुठलाते थे, तो उनका दिल दहल जाएगा और उन्हें अपनी ग़लती का एहसास होगा, लेकिन वहाँ पछताने का कोई फ़ायदा नहीं होगा। यह उन लोगों के लिए सबसे बड़ी यातना है कि उन्हें उनके किए पर शर्मिंदा किया जाए और उनका झूठ उनके सामने खुल जाए।

यह आयत हम मुसलमानों के लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है कि हम रसूल ﷺ की लाई हुई हर बात पर ईमान लाएँ। जो चीज़ें हमारी अक़्ल से परे लगें, उन्हें झुठलाना नहीं चाहिए, बल्कि अल्लाह और उसके रसूल पर पूरा यक़ीन रखना चाहिए। क़ियामत, जन्नत, जहन्नम, हिसाब — ये सब सच हैं, और इन पर ईमान लाना ही हमारी नजात का ज़रिया है। अल्लाह हमें सच्चा ईमान अता करे और हमें उन लोगों में से न बनाए जो अज़ाब देखकर पछताएँ। आमीन।



📜 आयत 15-19 — अल-मुतफ्फिफीन

15كَلَّا إِنَّهُمْ عَن رَّبِّهِمْ يَوْمَئِذٍ لَّمَحْجُوبُونَ
बेशक ये लोग उस दिन अपने परवरदिगार (की रहमत से) रोक दिए जाएँगे
16ثُمَّ إِنَّهُمْ لَصَالُو الْجَحِيمِ
फिर ये लोग ज़रूर जहन्नुम वासिल होंगे
17ثُمَّ يُقَالُ هَٰذَا الَّذِي كُنتُم بِهِ تُكَذِّبُونَ
फिर उनसे कहा जाएगा कि ये वही चीज़ तो है जिसे तुम झुठलाया करते थे
18كَلَّا إِنَّ كِتَابَ الْأَبْرَارِ لَفِي عِلِّيِّينَ
ये भी सुन रखो कि नेको के नाम ए अमाल इल्लीयीन में होंगे
19وَمَا أَدْرَاكَ مَا عِلِّيُّونَ
और तुमको क्या मालूम कि इल्लीयीन क्या है वह एक लिखा हुआ दफ़तर है
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अनुवाद — अल-मुतफ्फिफीन 17

सूरा अल-मुतफ्फिफीन आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उनसे कहा जाएगा कि ये वही चीज़ तो है…

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Tuesday, August 18, 2026

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