अत-तारिक़ · 17/17
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तारिक़
فَمَهِّلِ الْكَافِرِينَ أَمْهِلْهُمْ رُوَيْدًا ۝١٧
Famahhilil kaafireena amhilhum ruwaidaa
📖 हिंदी अर्थ
तो काफ़िरों को मोहलत दो बस उनको थोड़ी सी मोहलत दो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَمَهِّلْ: ढील दो, मोहलत दो
  • الْكَافِرِينَ: इनकार करने वालों को
  • أَمْهِلْهُمْ: उन्हें मोहलत दो
  • رُوَيْدًا: थोड़ी देर, कुछ समय के लिए

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! इन काफ़िरों को ढील दो, उन्हें मोहलत दो, लेकिन यह मोहलत बहुत थोड़ी है। यह आयत अल्लाह की ओर से एक भयानक चेतावनी है, जिसमें संकेत है कि इनका अज़ाब टल गया है, लेकिन टला नहीं है। यह देर-सबेर आकर रहेगा। जैसे बद्र के मैदान में यह वादा पूरा हुआ, जब इन काफ़िरों को वह यातना मिली जिसका वर्णन क़ुरआन ने किया।

इस आयत में "महल" और "अम्हिल" दोनों शब्द दोहराए गए हैं, जिसका अर्थ है "प्रतीक्षा करना" — यह दोहराव जानबूझकर किया गया है ताकि चेतावनी और अधिक सशक्त हो जाए। यह अल्लाह की ओर से एक गंभीर धमकी है कि इनकार करने वाले चाहे जितनी भी चालें चलें, चाहे जितनी साज़िशें रचें, अल्लाह की योजना उनकी योजनाओं से कहीं अधिक मज़बूत है।

ऐ मोमिन! जब तुम देखो कि काफ़िर और मुनाफ़िक़ीन हक़ के खिलाफ़ साज़िशें कर रहे हैं, तो घबराओ मत। अल्लाह ने अपने नबी को भी यही सिखाया कि ढील दो, जल्दबाज़ी मत करो। यह ढील उनकी मदद नहीं है, बल्कि उनके लिए एक मोहलत है जो उन्हें और अधिक गुनाहों में डुबोएगी और फिर अचानक अल्लाह की पकड़ आएगी। जैसे एक किसान फसल को पकने देता है, फिर उसे काट लेता है — उसी तरह अल्लाह इनकार करने वालों को उनकी हरकतों में छोड़ देता है, यहाँ तक कि जब वे अपनी साज़िशों में पूरी तरह डूब जाते हैं, तब अल्लाह की पकड़ आती है।

याद रखो, अल्लाह की योजना सबसे मज़बूत है। वह देख रहा है, वह जानता है, और वह सब कुछ अपने समय पर करेगा। तुम्हारा काम केवल सब्र करना और अल्लाह पर भरोसा रखना है। यह आयत हर उस मोमिन के लिए एक संदेश है जो कठिनाइयों में घिरा हो — अल्लाह की मदद ज़रूर आएगी, बस थोड़ी सी देर है। यह "रुवैदन" (थोड़ी देर) शब्द अपने आप में एक वादा है कि यह दौर ज़्यादा लंबा नहीं है, बस थोड़ा सा और सब्र करो, फिर देखो क्या होता है।



📜 आयत 15-17 — सूरा अत-तारिक़

15إِنَّهُمْ يَكِيدُونَ كَيْدًا
बेशक ये कुफ्फ़ार अपनी तदबीर कर रहे हैं
16وَأَكِيدُ كَيْدًا
और मैं अपनी तद्बीर कर रहा हूँ
17فَمَهِّلِ الْكَافِرِينَ أَمْهِلْهُمْ رُوَيْدًا
तो काफ़िरों को मोहलत दो बस उनको थोड़ी सी मोहलत दो
अत-तारिक़कुरान सूची
17आयत
मक्कीअवतरण स्थान
17आयत

अनुवाद — अत-तारिक़ 17

सूरा अत-तारिक़ आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो काफ़िरों को मोहलत दो बस उनको थोड़ी सी मोहलत…

सूरा आयत 17/17 — सूरा अत-तारिक़ الطارق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तारिक़ सुनें, सूरा अत-तारिक़ अनुवाद, सूरा अत-तारिक़ mp3, सूरा अत-तारिक़ pdf. आयत 15–17. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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