अल-आला · 8/19
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-आला
وَنُيَسِّرُكَ لِلْيُسْرَىٰ ۝٨
Wa nu-yassiruka lilyusraa
📖 हिंदी अर्थ
और हम तुमको आसान तरीके की तौफ़ीक़ देंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • نُيَسِّرُكَ — हम आपके लिए आसान कर देंगे
  • لِلْيُسْرَى — आसान और सरल राह के लिए (यानी अच्छे और भले कामों की राह)

विस्तृत तफ़सीर:

अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ से फ़रमा रहे हैं कि हम आपके लिए हर उस काम को आसान कर देंगे जो भलाई और बेहतरी की तरफ ले जाता है। यानी अल्लाह आपको तौफ़ीक़ देगा, आपके क़दमों को सीधी राह पर चलाएगा और आपके लिए नेकी के रास्ते हमवार कर देगा। यह अल्लाह की तरफ से अपने प्यारे नबी ﷺ के लिए एक बड़ी ख़ुशख़बरी है।

इस आयत का मतलब यह भी है कि अल्लाह ने अपने रसूल ﷺ के लिए दीन की तब्लीग़ (प्रचार) को आसान बना दिया, और उनके दीन को भी आसान बनाया — जिसमें कोई सख़्ती और तकलीफ़ नहीं। यही वह आसानी है जो इस्लाम की पहचान है। अल्लाह ने अपने नबी ﷺ को ऐसे कामों की तरफ राह दिखाई जो दुनिया और आख़िरत दोनों में बेहतरीन हैं।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि जब इंसान अल्लाह की राह में कदम बढ़ाता है, तो अल्लाह उसके रास्ते आसान कर देता है। नेकी की शुरुआत कठिन लगती है, लेकिन अल्लाह की मदद से वह आसान हो जाती है। यह अल्लाह का वादा है — जो कोई उसकी राह पर चले, अल्लाह उसे युस्र (आसानी) अता करता है।

प्यारे इस्लामी भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है। वह चाहता है कि हम आसानी के साथ दीन पर चलें। इसलिए हमें भी अपने जीवन में नेकी के रास्ते चुनने चाहिए और यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह हमारी मदद करेगा। जब हम क़ुरआन पढ़ते हैं, नमाज़ पढ़ते हैं, या कोई अच्छा काम करते हैं, तो अल्लाह हमारे दिल को रौशन करता है और हमें और नेकी की तरफ बढ़ाता है। यही असली कामयाबी है।

अल्लाह हम सबको अपनी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमारे लिए नेकी के रास्ते आसान करे। आमीन।



📜 आयत 6-10 — सूरा अल-आला

6سَنُقْرِئُكَ فَلَا تَنسَىٰ
हम तुम्हें (ऐसा) पढ़ा देंगे कि कभी भूलो ही नहीं
7إِلَّا مَا شَاءَ اللَّهُ ۚ إِنَّهُ يَعْلَمُ الْجَهْرَ وَمَا يَخْفَىٰ
मगर जो ख़ुदा चाहे (मन्सूख़ कर दे) बेशक वह खुली बात को भी जानता है और छुपे हुए को भी
8وَنُيَسِّرُكَ لِلْيُسْرَىٰ
और हम तुमको आसान तरीके की तौफ़ीक़ देंगे
9فَذَكِّرْ إِن نَّفَعَتِ الذِّكْرَىٰ
तो जहाँ तक समझाना मुफ़ीद हो समझते रहो
10سَيَذَّكَّرُ مَن يَخْشَىٰ
जो खौफ रखता हो वह तो फौरी समझ जाएगा
अल-आलाकुरान सूची
19आयत
मक्कीअवतरण स्थान
8आयत

अनुवाद — अल-आला 8

सूरा अल-आला आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम तुमको आसान तरीके की तौफ़ीक़ देंगे

सूरा आयत 8/19 — सूरा अल-आला الأعلى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आला सुनें, सूरा अल-आला अनुवाद, सूरा अल-आला mp3, सूरा अल-आला pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.





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Tuesday, September 29, 2026

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