अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- النَّجْدَيْنِ: दो ऊँचे रास्ते, अर्थात् भलाई और बुराई के दो स्पष्ट मार्ग।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में इंसान पर अपनी बड़ी मेहरबानी का ज़िक्र किया है। उसने इंसान को आँखें दीं ताकि वह देखे, ज़बान और होंठ दिए ताकि वह बोले, और फिर उसे दो रास्ते दिखाए—एक नेकी और भलाई का, और दूसरा बुराई और गुमराही का। यानी अल्लाह ने इंसान को अकेला नहीं छोड़ा, बल्कि उसे समझने की ताकत, सोचने की शक्ति और सही-गलत की पहचान करने की क्षमता दी।
यह अल्लाह की सबसे बड़ी रहमत है कि उसने हमें अंधेरे में नहीं भटकने दिया, बल्कि हिदायत का नूर अता किया। हर इंसान के सामने दो रास्ते खुले हैं—एक जन्नत की तरफ ले जाने वाला और दूसरा जहन्नम की तरफ। अल्लाह ने कुरआन और रसूल ﷺ के ज़रिए इन दोनों रास्तों को साफ-साफ बयान कर दिया है।
अब यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम अपनी अक्ल और समझ से काम लें, अल्लाह की दी हुई नेमतों का सही इस्तेमाल करें और उस रास्ते को चुनें जो हमें अपने रब की रज़ा और जन्नत तक पहुँचाए। अल्लाह ने हमें मजबूर नहीं किया, बल्कि हमें इख्तियार दिया है—यही हमारी किस्मत की सबसे बड़ी सच्चाई है। आओ, हम उस रास्ते को चुनें जो हमें सच्ची कामयाबी और हमेशा की खुशियों तक ले जाए।
📜 आयत 8-12 — अल-बलद
अनुवाद — अल-बलद 10
सूरा अल-बलद आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसको (अच्छी बुरी) दोनों राहें भी दिखा दींसूरा आयत 10/20 — अल-बलद البلد (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बलद सुनें, अल-बलद अनुवाद, अल-बलद mp3, अल-बलद pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








