अल-बलद · 9/20
अनुवाद उच्चारण — अल-बलद
وَلِسَانًا وَشَفَتَيْنِ ۝٩
Wa lisaananw wa shafatayn
📖 हिंदी अर्थ
और दोनों लब नहीं दिए (ज़रूर दिए)

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • लिसानन (لسانًا): ज़बान, जिससे इंसान बोलता है।
  • शफ़तैन (شفتين): दो होंठ, जो ज़बान को ढकते हैं और बोलने में मदद करते हैं।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने इंसान पर अपनी बेहिसाब रहमतें बयान करते हुए फ़रमाया कि क्या हमने उसे दो आँखें नहीं दीं, जिनसे वह देखता है? और क्या हमने उसे ज़बान और दो होंठ नहीं दिए, जिनसे वह बोलता है? यह अल्लाह की बहुत बड़ी नेमत है कि उसने इंसान को बोलने की क़ुदरत दी। ज़बान से इंसान अपने दिल की बातें बयान करता है, अपनी ज़रूरतें पूरी करता है, और दूसरों से मेल-जोल रखता है। होंठ ज़बान के लिए पर्दे का काम करते हैं — जब इंसान चुप रहना चाहे तो उन्हें बंद कर लेता है, और जब बोलना चाहे तो खोल लेता है।

यह नेमत सिर्फ़ शारीरिक सुविधा नहीं, बल्कि इंसान की पहचान और इज़्ज़त का ज़रिया है। अल्लाह ने इंसान को यह काबिलियत दी कि वह अपने रब की हम्द करे, उसका ज़िक्र करे, और दूसरों को भलाई की तरफ बुलाए। यही ज़बान इंसान के लिए जन्नत का रास्ता भी बन सकती है, अगर वह इसे सच बोलने, नेकी की तरफ बुलाने और अल्लाह की याद में इस्तेमाल करे। और यही ज़बान उसे जहन्नम में भी ले जा सकती है, अगर वह झूठ, ग़ीबत, बुराई और फ़साद में लग जाए।

अल्लाह ने इस आयत में इंसान को सोचने की दावत दी है कि जिस रब ने उसे ये नेमतें दीं, क्या वह उसे दोबारा ज़िंदा करके उसके अमल का हिसाब नहीं ले सकता? यक़ीनन वह सब कुछ कर सकता है। इसलिए हमें अपनी ज़बान और होंठों का इस्तेमाल अल्लाह की रज़ा के लिए करना चाहिए — अच्छी बातें बोलें, सच बोलें, और जो बात फ़ायदेमंद न हो उस पर चुप रहें। याद रखें, ज़बान की हिफ़ाज़त करना ईमान की निशानी है, और जो अपनी ज़बान पर क़ाबू रखेगा, अल्लाह उसके लिए जन्नत का रास्ता आसान कर देगा।



📜 आयत 7-11 — अल-बलद

7أَيَحْسَبُ أَن لَّمْ يَرَهُ أَحَدٌ
क्या वह ये ख्याल रखता है कि उसको किसी ने देखा ही नहीं
8أَلَمْ نَجْعَل لَّهُ عَيْنَيْنِ
क्या हमने उसे दोनों ऑंखें और ज़बान
9وَلِسَانًا وَشَفَتَيْنِ
और दोनों लब नहीं दिए (ज़रूर दिए)
10وَهَدَيْنَاهُ النَّجْدَيْنِ
और उसको (अच्छी बुरी) दोनों राहें भी दिखा दीं
11فَلَا اقْتَحَمَ الْعَقَبَةَ
फिर वह घाटी पर से होकर (क्यों) नहीं गुज़रा
अल-बलदकुरान सूची
20आयत
मक्कीRevelation
9आयत

अनुवाद — अल-बलद 9

सूरा अल-बलद आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और दोनों लब नहीं दिए (ज़रूर दिए)

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Tuesday, August 18, 2026

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