अल-फज्र · 23/30
अनुवाद उच्चारण — अल-फज्र
وَجِيءَ يَوْمَئِذٍ بِجَهَنَّمَ ۚ يَوْمَئِذٍ يَتَذَكَّرُ الْإِنسَانُ وَأَنَّىٰ لَهُ الذِّكْرَىٰ ۝٢٣
Wa jeee`a yawma`izim bi jahannnam; Yawma `iziny yatazakkarul insaanu wa annaa lahuz zikraa
📖 हिंदी अर्थ
और उस दिन जहन्नुम सामने कर दी जाएगी उस दिन इन्सान चौंकेगा मगर अब चौंकना कहाँ (फ़ायदा देगा)

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَجِيءَ يَوْمَئِذٍ بِجَهَنَّمَ: उस दिन जहन्नम को लाया जाएगा (इसका अर्थ है कि जहन्नम को सामने पेश किया जाएगा, और यह भयावह दृश्य सबके सामने होगा)।
  • يَتَذَكَّرُ: वह याद करेगा, सीख लेगा, या पछताएगा।
  • وَأَنَّى لَهُ الذِّكْرَىٰ: और उसे यह सीख (या पछतावा) कहाँ से मिलेगा? यानी अब उस सीख का कोई फायदा नहीं।

विस्तृत तफसीर:

उस महान दिन का दृश्य अत्यंत भयावह होगा, जब धरती को ज़ोर से हिलाया जाएगा और वह चूर-चूर हो जाएगी। फिर अल्लाह तआला अपने बंदों के बीच फैसला करने के लिए आएगा, और फ़रिश्ते कतार दर कतार खड़े होंगे। उस दिन जहन्नम को लाया जाएगा—और कितनी भयानक होगी वह घड़ी! जहन्नम के सत्तर हज़ार लगामें होंगी, और हर लगाम को खींचने के लिए सत्तर हज़ार फ़रिश्ते होंगे। यह दृश्य देखकर हर इंसान काँप उठेगा।

उस दिन इंसान को अपनी सारी क़सूरवारियाँ याद आ जाएँगी। काफ़िर अपने ज़ुल्म, अपनी सरकशी और अल्लाह की नाफ़रमानी को याद करेगा, और वह देखेगा कि उसने दुनिया में कितने अच्छे काम छोड़ दिए थे जो उसे करने चाहिए थे। वह पछताएगा, तौबा करना चाहेगा, और सीख लेना चाहेगा—लेकिन क्या यह सीख उसे कहीं से मिल सकेगी? हरगिज़ नहीं! क्योंकि वह दिन अमल का दिन नहीं, बल्कि जज़ा (बदला) का दिन है। दुनिया में जो बीज बोए गए थे, उस दिन उन्हीं की फ़सल काटी जाएगी। दुनिया में जो मौक़ा मिला था, वह अब ख़त्म हो चुका है।

यह दृश्य हमें सोचने पर मजबूर करता है कि हम आज ही क्यों नहीं सुधर जाते? आज ही क्यों नहीं अल्लाह की तरफ़ लौट आते? आज ही क्यों नहीं अपने गुनाहों से तौबा कर लेते? क्योंकि आज का दिन अमल का दिन है, और कल का दिन हिसाब का दिन होगा। जो आज सीख लेगा, वह उस दिन पछतावे से बच जाएगा। अल्लाह तआला हम सबको समझ दे, और हमें उन लोगों में शामिल करे जो दुनिया में ही सीख लेते हैं और अपने रब की तरफ़ लौट आते हैं। आमीन।



📜 आयत 21-25 — अल-फज्र

21كَلَّا إِذَا دُكَّتِ الْأَرْضُ دَكًّا دَكًّا
सुन रखो कि जब ज़मीन कूट कूट कर रेज़ा रेज़ा कर दी जाएगी
22وَجَاءَ رَبُّكَ وَالْمَلَكُ صَفًّا صَفًّا
और तुम्हारे परवरदिगार का हुक्म और फ़रिश्ते कतार के कतार आ जाएँगे
23وَجِيءَ يَوْمَئِذٍ بِجَهَنَّمَ ۚ يَوْمَئِذٍ يَتَذَكَّرُ الْإِنسَانُ وَأَنَّىٰ لَهُ الذِّكْرَىٰ
और उस दिन जहन्नुम सामने कर दी जाएगी उस दिन इन्सान चौंकेगा मगर अब चौंकना कहाँ (फ़ायदा देगा)
24يَقُولُ يَا لَيْتَنِي قَدَّمْتُ لِحَيَاتِي
(उस वक्त) क़हेगा कि काश मैने अपनी (इस) ज़िन्दगी के वास्ते कुछ पहले भेजा होता
25فَيَوْمَئِذٍ لَّا يُعَذِّبُ عَذَابَهُ أَحَدٌ
तो उस दिन ख़ुदा ऐसा अज़ाब करेगा कि किसी ने वैसा अज़ाब न किया होगा
अल-फज्रकुरान सूची
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अनुवाद — अल-फज्र 23

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Tuesday, August 18, 2026

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