Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- دُكَّتِ: ज़मीन को ज़ोर से हिलाया जाए, कुचला जाए, चूर-चूर कर दिया जाए।
- دَكًّا دَكًّا: बार-बार, लगातार, एक के बाद एक, इस कदर कि वह बिल्कुल समतल और चूर-चूर हो जाए।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला फ़रमाता है: "हरगिज़ नहीं! जब ज़मीन को बार-बार दुक़-दुक़ करके (ज़ोर-ज़ोर से हिलाकर) चूर-चूर कर दिया जाएगा।"
यहाँ अल्लाह तआला उन लोगों को संबोधित कर रहे हैं जो दुनिया की चीज़ों से मोहब्बत करते हैं, माल-दौलत को ही सब कुछ समझते हैं, और आख़िरत को भूल गए हैं। वे सोचते हैं कि यही दुनिया है, बस यहीं सब कुछ ख़त्म हो जाएगा। अल्लाह फ़रमाता है: "हरगिज़ नहीं!" यानी तुम्हारा यह ख़याल बिल्कुल ग़लत है। तुम्हारा यह रवैया हरगिज़ सही नहीं है। यह दुनिया हमेशा नहीं रहेगी, और न ही तुम्हारा माल-दौलत तुम्हारे किसी काम आएगा।
फिर अल्लाह तआला उस भयानक दिन की तस्वीर पेश करते हैं जब यह विशाल और मज़बूत ज़मीन, जिस पर हम चलते-बसते हैं, जिसे हम अपना ठिकाना समझते हैं, उसे ज़ोर-ज़ोर से हिलाया जाएगा। पहाड़ रुई की तरह उड़ेंगे, इमारतें मिट्टी में मिल जाएँगी, और ज़मीन इस कदर चूर-चूर और समतल कर दी जाएगी कि उस पर कोई ऊँच-नीच नहीं रहेगी। यह क़यामत का दिन होगा, जब अल्लाह तआला अपने बंदों के बीच इंसाफ़ के साथ फ़ैसला करने के लिए आएँगे।
यह वह दिन होगा जब हर इंसान अपने किए पर पछताएगा। जिसने दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी की, उसका पछतावा उस दिन किसी काम नहीं आएगा। इसलिए ऐ इंसान! इस दुनिया में रहते हुए उस दिन की तैयारी कर ले। अल्लाह की राह में ख़र्च कर, नेक काम कर, और उस दिन के लिए पुंजी जमा कर जो कभी ख़त्म नहीं होने वाली — यानी अल्लाह की रज़ा और जन्नत।
यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया की चीज़ों पर भरोसा करके बेख़बर न हो जाएँ। यह ज़मीन जो आज हमारे क़दमों तले है, क़यामत के दिन हमारे ही ख़िलाफ़ गवाही देगी। अल्लाह तआला हमें तौफ़ीक़ दे कि हम उस दिन की तैयारी करें, और उसकी राह में अपना माल ख़र्च करें। आमीन।
📜 आयत 19-23 — सूरा अल-फज्र
अनुवाद — अल-फज्र 21
सूरा अल-फज्र आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : सुन रखो कि जब ज़मीन कूट कूट कर रेज़ा रेज़ा…सूरा आयत 21/30 — सूरा अल-फज्र الفجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फज्र सुनें, सूरा अल-फज्र अनुवाद, सूरा अल-फज्र mp3, सूरा अल-फज्र pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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