अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَيَوْمَئِذٍ – उस दिन (यानी क़ियामत के दिन)
- لَا يُعَذِّبُ – कोई अज़ाब नहीं देगा
- عَذَابَهُ – उसके (अल्लाह के) अज़ाब जैसा अज़ाब
- أَحَدٌ – कोई भी (व्यक्ति या ताक़त)
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत क़ियामत के उस भयानक दिन का वर्णन कर रही है जब अल्लाह तआला अपने नाफ़रमान बंदों को सज़ा देगा। उस दिन अल्लाह का अज़ाब इतना सख्त, भयानक और बेमिसाल होगा कि कोई भी मख़लूक़ — चाहे वह फ़रिश्ता हो, इंसान हो या जिन्न — उसके अज़ाब जैसा अज़ाब देने पर क़ादिर नहीं होगी। न कोई उसके अज़ाब की शिद्दत तक पहुँच सकता है, न उसकी पकड़ जैसी पकड़ कर सकता है, और न उसके बंधन जैसा बंधन बाँध सकता है। अल्लाह का अज़ाब सबसे सख्त, सबसे दर्दनाक और हमेशा रहने वाला है, जबकि दुनिया में किसी भी हुक्मरान या ज़ालिम का अज़ाब सीमित और फ़ानी है।
यह आयत हमें अल्लाह की अज़मत और उसके इंतक़ाम (बदला लेने) की हैसियत का एहसास दिलाती है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं और उसके अज़ाब से बेख़ौफ़ हो जाते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि अल्लाह की पकड़ से बचने की कोई ताक़त नहीं है। लेकिन साथ ही, यह आयत मोमिनों के लिए एक प्यारा पैग़ाम भी है — कि अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसीअ है। जो लोग इस दुनिया में तौबा कर लें, अल्लाह के हुक्मों की पैरवी करें और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत पर चलें, उनके लिए उस दिन डरने की कोई बात नहीं। अल्लाह तआला क़ुरआन में फ़रमाता है कि वह बड़ा माफ़ करने वाला और रहम करने वाला है। प्यारे भाइयों और बहनों! आओ, हम इस दुनिया में रहते हुए अल्लाह की नाफ़रमानी से बचें और उसकी रहमत के साये में आने की कोशिश करें, ताकि उस भयानक दिन के अज़ाब से महफ़ूज़ रहें और जन्नत की नेअमतों से नवाज़े जाएँ।
📜 आयत 23-27 — अल-फज्र
अनुवाद — अल-फज्र 25
सूरा अल-फज्र आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो उस दिन ख़ुदा ऐसा अज़ाब करेगा कि किसी ने…सूरा आयत 25/30 — अल-फज्र الفجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फज्र सुनें, अल-फज्र अनुवाद, अल-फज्र mp3, अल-फज्र pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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