अल-फज्र · 26/30
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-फज्र
وَلَا يُوثِقُ وَثَاقَهُ أَحَدٌ ۝٢٦
Wa laa yoosiqu wasaaqa hooo ahad
📖 हिंदी अर्थ
और न कोई उसके जकड़ने की तरह जकड़ेगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • وَثَاقَهُ: उसकी जकड़न / बंधन (यहाँ अल्लाह तआला की ओर से काफिरों को जकड़ने का उल्लेख है)।

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला क़यामत के दिन के उस भयानक मंज़र का वर्णन कर रहे हैं, जब काफिरों और गुनाहगारों को सज़ा दी जाएगी। अल्लाह फ़रमाता है कि उस दिन न तो कोई अल्लाह की तरह सज़ा दे सकेगा और न ही कोई उसके जैसा बंधन बाँध सकेगा। अल्लाह तआला की पकड़ इतनी सख्त और भयानक होगी कि उसकी कोई मिसाल नहीं होगी। जिस तरह अल्लाह तआला काफिरों को ज़ंजीरों और बेड़ियों में जकड़ेगा, उस तरह जकड़ने की ताक़त किसी में नहीं होगी। यह उस दिन की सज़ा की सख्ती और अल्लाह के क़हर (प्रकोप) का बयान है, जो उसके हुक्म की नाफ़रमानी करने वालों के लिए तैयार की गई है।

यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और बताती है कि अल्लाह तआला की पकड़ से बचने की कोई ताक़त किसी में नहीं है। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह दुनिया में अल्लाह के हुक्मों की पैरवी करे, उसकी नाफ़रमानी से बचे और अपने आख़िरत (परलोक) को संवारे। यह भी एक रहमत है कि अल्लाह ने हमें दुनिया में मौका दिया है कि हम तौबा कर लें और अपने अमल सुधार लें, क्योंकि क़यामत के दिन कोई मौका नहीं मिलेगा। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है कि उसने अपने रसूल (ﷺ) और किताब (क़ुरआन) के ज़रिए हमें रास्ता दिखाया है, ताकि हम उसके अज़ाब से बच सकें और उसकी जन्नत के हक़दार बन सकें।



📜 आयत 24-28 — सूरा अल-फज्र

24يَقُولُ يَا لَيْتَنِي قَدَّمْتُ لِحَيَاتِي
(उस वक्त) क़हेगा कि काश मैने अपनी (इस) ज़िन्दगी के वास्ते कुछ पहले भेजा होता
25فَيَوْمَئِذٍ لَّا يُعَذِّبُ عَذَابَهُ أَحَدٌ
तो उस दिन ख़ुदा ऐसा अज़ाब करेगा कि किसी ने वैसा अज़ाब न किया होगा
26وَلَا يُوثِقُ وَثَاقَهُ أَحَدٌ
और न कोई उसके जकड़ने की तरह जकड़ेगा
27يَا أَيَّتُهَا النَّفْسُ الْمُطْمَئِنَّةُ
(और कुछ लोगों से कहेगा) ऐ इत्मेनान पाने वाली जान
28ارْجِعِي إِلَىٰ رَبِّكِ رَاضِيَةً مَّرْضِيَّةً
अपने परवरदिगार की तरफ़ चल तू उससे ख़ुश वह तुझ से राज़ी
अल-फज्रकुरान सूची
30आयत
मक्कीअवतरण स्थान
26आयत

अनुवाद — अल-फज्र 26

सूरा अल-फज्र आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और न कोई उसके जकड़ने की तरह जकड़ेगा

सूरा आयत 26/30 — सूरा अल-फज्र الفجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फज्र सुनें, सूरा अल-फज्र अनुवाद, सूरा अल-फज्र mp3, सूरा अल-फज्र pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.





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Monday, September 28, 2026

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