Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- फ़िरऔन: मिस्र का शासक, जो अत्याचार और घमंड में चरम सीमा पर था।
- ज़िल-औताद: "औताद" का अर्थ है खूँटे (मेख़ें)। इसका मतलब यह है कि उसके पास शक्तिशाली सेना और साधन थे, जो उसके राज्य को मज़बूती से थामे हुए थे, या फिर वह लोगों को यातना देने के लिए खूँटों से बाँधता था।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में फ़िरऔन का ज़िक्र करते हुए बताते हैं कि उसका अंजाम क्या हुआ। फ़िरऔन मिस्र का ऐसा शासक था जो अत्यधिक घमंडी, ज़ालिम और सरकश था। उसके पास विशाल सेना, धन-दौलत और ताकत थी, जिसे "औताद" (खूँटे) से समझाया गया है—यानी उसकी सारी ताकत और साम्राज्य ऐसे थे जैसे खूँटों से ज़मीन में गड़े हों, बहुत मज़बूत और स्थिर। कुछ मुफ़स्सिरीन कहते हैं कि वह लोगों को यातना देने के लिए खूँटों से बाँधता था, और उन पर अत्याचार की इंतिहा करता था।
इस ज़िक्र का मक़सद यह है कि जिस फ़िरऔन ने खुद को भगवान होने का दावा किया, जिसके पास इतनी ताकत और साज़ो-सामान था, अल्लाह ने उसे किस तरह पकड़ा और उसका नामो-निशान मिटा दिया। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी सबक़ है जो अपनी ताकत, धन, या पद पर घमंड करते हैं और अल्लाह के हुक्म को मानने से इनकार करते हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें याद दिलाती है कि दुनिया की कोई भी ताकत, चाहे वह कितनी ही बड़ी क्यों न हो, अल्लाह के सामने बेबस है। फ़िरऔन के पास सेना, खूँटे, और साम्राज्य था, लेकिन जब अल्लाह का फ़ैसला आया, तो उसकी सारी ताकत धूल में मिल गई। यह हमारे लिए नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की इताअत (आज्ञाकारिता) को सबसे ऊपर रखें, और कभी भी अपनी दुनियावी ताकत या साधनों पर घमंड न करें। अल्लाह के दीन की तरफ़ बुलाने वालों के लिए यह एक बड़ी दलील है कि सच्ची इज़्ज़त और कामयाबी सिर्फ़ अल्लाह के करीब होने में है, न कि दुनिया की चमक-दमक में। जो लोग अल्लाह के रसूलों का विरोध करते हैं, वे चाहे कितने भी ताकतवर हों, उनका अंजाम हमेशा बुरा होता है। यही अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है जो कभी नहीं बदलती।
📜 आयत 8-12 — सूरा अल-फज्र
अनुवाद — अल-फज्र 10
सूरा अल-फज्र आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और फिरऔन के साथ (क्या किया) जो (सज़ा के लिए)…सूरा आयत 10/30 — सूरा अल-फज्र الفجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फज्र सुनें, सूरा अल-फज्र अनुवाद, सूरा अल-फज्र mp3, सूरा अल-फज्र pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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