अल-फज्र · 22/30
अनुवाद उच्चारण — अल-फज्र
وَجَاءَ رَبُّكَ وَالْمَلَكُ صَفًّا صَفًّا ۝٢٢
Wa jaaa`a Rabbuka wal malaku saffan saffaa
📖 हिंदी अर्थ
और तुम्हारे परवरदिगार का हुक्म और फ़रिश्ते कतार के कतार आ जाएँगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَجَاءَ رَبُّكَ: तुम्हारा रब आएगा (अर्थात उसका आदेश और उसका फैसला आएगा, क्योंकि अल्लाह हर जगह है और उसके आने का कोई ठिकाना नहीं, बल्कि यह उसके प्रताप और शक्ति के प्रकट होने का वर्णन है)।
  • وَالْمَلَكُ: और सारे फ़रिश्ते।
  • صَفًّا صَفًّا: कतार के बाद कतार, यानी पंक्तिबद्ध होकर।

तफ़सीर (व्याख्या):

हे नबी! उस दिन तुम्हारा रब अपने फैसले के लिए आएगा—यानी उसका आदेश और उसका न्याय सामने आएगा, और सारे फ़रिश्ते कतार दर कतार खड़े होंगे। यह उस महान दिन का दृश्य होगा जब अल्लाह अपने बंदों के बीच पूर्ण न्याय करेगा। इस आयत में अल्लाह का "आना" उसकी शान के अनुसार है, जैसा कि सलफ़ (पहले के विद्वान) कहते हैं—हम इस पर ईमान रखते हैं, न तो उसकी तुलना किसी से करते हैं और न ही उसकी कल्पना करते हैं।

यह वह दिन है जब सारी बादशाही और सत्ता केवल अल्लाह की होगी। फ़रिश्ते, जो हमेशा अल्लाह के आज्ञाकारी हैं, वे भी उस दिन पंक्तियों में खड़े होंगे—हर फ़रिश्ता अपनी जगह पर, किसी को आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं होगी। यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि उस दिन कोई सिफ़ारिश, कोई रिश्ता, कोई दौलत काम नहीं आएगी, सिवाय उसके जो अल्लाह की अनुमति से हो।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी नसीहत है—जब हम दुनिया में हैं, तो हमें अपने रब के सामने पेश होने की तैयारी करनी चाहिए। जो लोग दुनिया में अल्लाह के आदेशों को नहीं मानते, वे उस दिन पछताएँगे, लेकिन पछतावा उस वक्त काम नहीं आएगा। इसलिए आज ही अपने अमल (कर्म) को सुधार लें, नमाज़ पढ़ें, रोज़ा रखें, ज़कात दें, और अल्लाह से माफ़ी माँगें—ताकि उस दिन हम उन लोगों में से हों जिनका चेहरा खिला होगा और जिन्हें जन्नत की खुशखबरी दी जाएगी।

याद रखें, यह दिन ज़रूर आएगा, और हर इंसान को अपने किए का हिसाब देना होगा। अल्लाह हमें उस दिन की शर्मिंदगी से बचाए और हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 20-24 — अल-फज्र

20وَتُحِبُّونَ الْمَالَ حُبًّا جَمًّا
और माल को बहुत ही अज़ीज़ रखते हो
21كَلَّا إِذَا دُكَّتِ الْأَرْضُ دَكًّا دَكًّا
सुन रखो कि जब ज़मीन कूट कूट कर रेज़ा रेज़ा कर दी जाएगी
22وَجَاءَ رَبُّكَ وَالْمَلَكُ صَفًّا صَفًّا
और तुम्हारे परवरदिगार का हुक्म और फ़रिश्ते कतार के कतार आ जाएँगे
23وَجِيءَ يَوْمَئِذٍ بِجَهَنَّمَ ۚ يَوْمَئِذٍ يَتَذَكَّرُ الْإِنسَانُ وَأَنَّىٰ لَهُ الذِّكْرَىٰ
और उस दिन जहन्नुम सामने कर दी जाएगी उस दिन इन्सान चौंकेगा मगर अब चौंकना कहाँ (फ़ायदा देगा)
24يَقُولُ يَا لَيْتَنِي قَدَّمْتُ لِحَيَاتِي
(उस वक्त) क़हेगा कि काश मैने अपनी (इस) ज़िन्दगी के वास्ते कुछ पहले भेजा होता
अल-फज्रकुरान सूची
30आयत
मक्कीRevelation
22आयत

अनुवाद — अल-फज्र 22

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Tuesday, August 18, 2026

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