Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَتَوَفَّاكُمْ: तुम्हें मृत्यु देना, तुम्हारी आत्माएँ क़ब्ज़ करना।
- مِنَ الْمُؤْمِنِينَ: ईमान लाने वालों में से, अल्लाह पर विश्वास करने वालों में से।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन लोगों से कह दीजिए: "ऐ लोगों! यदि तुम मेरे दीन (इस्लाम) के सत्य होने में संदेह रखते हो, और यह सोचते हो कि शायद मैं अपने धर्म से विचलित हो जाऊँ, तो जान लो कि मैं कभी भी उन माबूदों की इबादत नहीं करूँगा जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पूजते हो। ये मूर्तियाँ और झूठे देवता न तो कोई लाभ पहुँचा सकते हैं और न ही हानि। मैं तो केवल उस अल्लाह की इबादत करता हूँ जो तुम्हें मृत्यु देता है और तुम्हारी आत्माओं को क़ब्ज़ करता है। वही तुम्हारा सच्चा स्वामी और पालनहार है। मुझे यही आदेश दिया गया है कि मैं उसी पर ईमान लाऊँ और उसके आगे पूर्ण रूप से आत्मसमर्पण कर दूँ। मुझसे कहा गया है कि मैं सच्चे ईमानवालों में से बनूँ, जो अल्लाह की एकता और उसके आदेशों पर दृढ़ता से विश्वास रखते हैं।"
यह आयत उस समय उतरी जब कुछ लोग नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को उनके दीन से विचलित करने की कोशिश कर रहे थे और उनसे कह रहे थे कि हमारे देवताओं की पूजा करो। अल्लाह ने अपने नबी को स्पष्ट उत्तर देने का आदेश दिया कि मैं तुम्हारे झूठे माबूदों से कोई संबंध नहीं रखता, मेरी इबादत केवल उसी अल्लाह के लिए है जो जीवन और मृत्यु का स्वामी है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- सच्चे दीन पर दृढ़ता: यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चे मार्ग पर चलते हुए हमें किसी की परवाह नहीं करनी चाहिए। चाहे लोग हमें धमकाएँ या हमारा मज़ाक उड़ाएँ, हमें अपने ईमान पर स्थिर रहना चाहिए।
- इबादत केवल अल्लाह की: हमारी सारी इबादतें, प्रार्थनाएँ और आशाएँ केवल अल्लाह से ही जुड़ी होनी चाहिए। किसी और से मदद माँगना या उसकी पूजा करना शिर्क है, जो सबसे बड़ा पाप है।
- मृत्यु की याद: अल्लाह ने यहाँ मृत्यु का ज़िक्र किया है ताकि हमें याद दिलाया जाए कि हमें एक दिन इस दुनिया से जाना है और अपने कर्मों का हिसाब देना है। यह हमें अच्छे कर्म करने और सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
- ईमानवालों में शामिल होने की कोशिश: हमें हमेशा यह प्रयास करना चाहिए कि हम सच्चे ईमानवालों में शामिल हों, जो अल्लाह पर पूर्ण विश्वास रखते हैं और उसके आदेशों का पालन करते हैं। यही सफलता का मार्ग है।
📜 आयत 102-106 — सूरा यूनुस
अनुवाद — यूनुस 104
सूरा यूनुस आयत 104 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि अगर तुम लोग मेरे…सूरा आयत 104/109 — सूरा यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूनुस सुनें, सूरा यूनुस अनुवाद, सूरा यूनुस mp3, सूरा यूनुस pdf. आयत 102–106. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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