अनुवाद — Tafsir
कठिन शब्दों के अर्थ:
- أَحْسَنُوا: जिन्होंने अच्छे कर्म किए, अर्थात अल्लाह की आज्ञाओं का पालन किया और उसकी मनाही से बचे रहे।
- الْحُسْنَى: सर्वोत्तम बदला, जिसका अर्थ है जन्नत (स्वर्ग)।
- وَزِيَادَةٌ: और अधिक, जिसका अर्थ है अल्लाह तआला के दर्शन (रू'यत) का सौभाग्य।
- لَا يَرْهَقُ: नहीं ढकता, नहीं छाता।
- قَتَرٌ: कालिख, गर्द, अंधकार या धूल।
- ذِلَّةٌ: अपमान, पस्ती, हीनता।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला उन लोगों का सुंदर वर्णन कर रहा है जो दुनिया में अच्छे कर्म करते हैं। "अच्छे कर्म" से अभिप्राय यह है कि वे अल्लाह की इबादत को सच्चे दिल से करें, उसके आदेशों का पालन करें और उसकी मनाही की गई चीज़ों से बचें। ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने दो चीज़ों का वादा किया है:
पहली — "الحسنى" यानी जन्नत, जो हर अच्छाई और सुख-सुविधाओं से भरी हुई है। यह उनके अच्छे कर्मों का बदला है।
दूसरी — "زيادة" यानी अतिरिक्त इनाम, जो जन्नत से भी बढ़कर है। यह अल्लाह तआला के दर्शन का सौभाग्य है, जो जन्नतियों को मिलेगा। यह सबसे बड़ा इनाम है जिससे बढ़कर कोई नेमत नहीं।
फिर अल्लाह तआला बताता है कि उन चेहरों पर न तो कोई कालिख या गर्द होगी और न ही कोई अपमान या हीनता। यानी उनके चेहरे उज्ज्वल, प्रसन्न और सम्मानित होंगे, उन पर किसी प्रकार की उदासी या अपमान का निशान नहीं होगा, जैसा कि पापियों के चेहरों पर होगा।
अंत में कहा गया कि ये लोग ही जन्नत के असली अधिकारी हैं और वे उसमें हमेशा रहेंगे। यह उनका स्थायी ठिकाना है, जहाँ से उन्हें कभी निकाला नहीं जाएगा।
फ़ायदे (लाभ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि अच्छे कर्मों का बदला अल्लाह के यहाँ कभी बेकार नहीं जाता। हर अच्छाई का बदला मिलेगा, चाहे वह कितनी ही छोटी क्यों न हो।
- अल्लाह तआला की रहमत का समुद्र असीम है — वह अपने नेक बंदों को सिर्फ जन्नत ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें अपने दर्शन का सौभाग्य भी प्रदान करेगा, जो सबसे बड़ी नेमत है।
- इस आयत से हमें यह उम्मीद मिलती है कि अगर हम दुनिया में अल्लाह की इबादत करें और अच्छे कर्मों में लगे रहें, तो हमारा अंजाम बेहतरीन होगा — हमारे चेहरे चमकेंगे और हम सम्मानित होंगे।
- यह आयत हमें बताती है कि असली कामयाबी दुनिया की दौलत या शोहरत में नहीं, बल्कि अल्लाह की रज़ा और उसकी जन्नत में है। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी का हर पल अल्लाह की आज्ञा के अनुसार बिताना चाहिए।
📜 आयत 24-28 — यूनुस
अनुवाद — यूनुस 26
सूरा यूनुस आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिन लोगों ने दुनिया में भलाई की उनके लिए (आख़िरत…सूरा आयत 26/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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