Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَآيَةً – निशानी, सबक, सीख
- خَافَ – डरे, भयभीत हो
- مَّجْمُوعٌ لَّهُ النَّاسُ – जिस दिन के लिए सभी लोगों को इकट्ठा किया जाएगा
- مَّشْهُودٌ – उपस्थित किया जाने वाला, जिसे सभी देखेंगे
तफसीर (व्याख्या):
निश्चय ही उन बस्तियों के निवासियों को पकड़ने और उन पर आज़ाब उतारने में, जो अत्याचारी थे, उस व्यक्ति के लिए बड़ी निशानी और सबक है जो आख़िरत के अज़ाब से डरता है। यह डर उसे सचेत करता है कि वह उन बस्तियों के अंजाम से सीख ले और अपने कर्मों को सुधारे। वह दिन (क़ियामत का दिन) वह दिन है जिसके लिए सभी लोगों को इकट्ठा किया जाएगा — अगले और पिछले, सभी को एक साथ हाज़िर किया जाएगा। और वह दिन ऐसा दिन है जिसे सभी मख़लूक़ात देखेंगी और उसकी भयावहता को अपनी आँखों से महसूस करेंगी। यह दिन इतना महान और भयानक होगा कि हर कोई उसे देखकर हैरान रह जाएगा, और कोई भी उस दिन की सच्चाई से इनकार नहीं कर सकेगा।
फ़ायदे (सीख):
- यह आयत हमें सिखाती है कि इतिहास के पन्नों में अल्लाह का क़ानून (सुन्नतुल्लाह) काम करता है — जो क़ौमें ज़ुल्म करती हैं, वे अल्लाह की पकड़ से नहीं बच सकतीं। यह हमारे लिए चेतावनी है कि हम ज़ुल्म और नाइंसाफ़ी से बचें।
- आख़िरत का डर इंसान को अच्छे कर्मों की ओर प्रेरित करता है और बुराई से रोकता है। यह डर मोमिन के लिए एक तरक़्क़ी का ज़रिया है, क्योंकि यह उसे अल्लाह की इबादत और नेकी की राह पर चलाता है।
- क़ियामत का दिन एक ऐसा दिन है जिसमें सभी इंसान — चाहे वे किसी भी ज़माने के हों — इकट्ठा किए जाएँगे। यह हमें याद दिलाता है कि हमारे सारे कर्म लिखे जा रहे हैं और एक दिन हमें उनका हिसाब देना होगा। यह विश्वास इंसान को ज़िम्मेदार बनाता है और उसे बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है।
- यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह की रहमत के साथ-साथ उसका अज़ाब भी हक़ है, और जो लोग उस अज़ाब से डरते हैं, वही असल में समझदार हैं। यह डर उन्हें दुनिया की बेहूदा चीज़ों से दूर रखता है और आख़िरत की तैयारी में लगा देता है।
📜 आयत 101-105 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 103
सूरा हूद आयत 103 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमें तो शक़ नहीं कि उस शख़्श के वास्ते जो…सूरा आयत 103/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 101–105. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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