Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- نُؤَخِّرُهُ: हम उसे टालते हैं (अर्थात उस दिन को पीछे धकेलते हैं)।
- لِأَجَلٍ مَّعْدُودٍ: एक निर्धारित और गिनी हुई अवधि तक (जो अल्लाह के ज्ञान में निश्चित है)।
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला क़यामत के दिन के आने के समय के बारे में बता रहे हैं। यह दिन जिसका वादा किया गया है, उसे अल्लाह ने केवल एक निश्चित और गिनी हुई अवधि तक के लिए टाला है। यह अवधि अल्लाह के ज्ञान में पूरी तरह निर्धारित है — न उसमें कोई कमी हो सकती है और न अधिकता। जब यह अवधि पूरी हो जाएगी, तो वह दिन अवश्य आएगा, न पहले और न बाद में। यह टालना अल्लाह की हिक्मत (बुद्धिमत्ता) और उसके इल्म (ज्ञान) के अनुसार है, न कि कोई संदेह या आकस्मिकता। अल्लाह ने इस दिन को इसलिए मुअय्यन किया है ताकि लोगों को मौका मिले, वे तौबा करें, अच्छे कर्म करें और अपने जीवन को सुधारें। यह अवधि अल्लाह के निकट एक निश्चित समय है, जिसे कोई नहीं जानता सिवाय उसके, और जब वह समय आएगा, तो सभी प्राणियों को हिसाब के लिए खड़ा किया जाएगा।
फ़ायदे (लाभ):
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि क़यामत का आना निश्चित है, और उसका समय अल्लाह के ज्ञान में मुक़र्रर है। इसलिए हमें इस दिन के लिए तैयारी करनी चाहिए और अपने आप को अच्छे कर्मों से सजाना चाहिए।
- अल्लाह का टालना उसकी रहमत और हिक्मत का प्रमाण है — वह हमें मौका देता है कि हम अपनी ग़लतियों को सुधारें और उसकी ओर लौटें। यह हमारे लिए एक बड़ा अवसर है, जिसे हमें गंवाना नहीं चाहिए।
- यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह का हर काम एक निश्चित योजना और हिक्मत के अनुसार होता है। हमें उसके फ़ैसलों पर भरोसा करना चाहिए और उसकी तदबीर (योजना) पर संतुष्ट रहना चाहिए।
- इससे मुसलमान को यह पता चलता है कि दुनिया की ज़िंदगी अस्थायी है और असली जीवन आख़िरत का है। इसलिए हमें दुनिया के मोह में नहीं पड़ना चाहिए, बल्कि उस दिन की तैयारी में लगे रहना चाहिए जब हर व्यक्ति को उसके कर्मों का बदला मिलेगा।
📜 आयत 102-106 — सूरा हूद
अनुवाद — हूद 104
सूरा हूद आयत 104 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम बस एक मुअय्युन मुद्दत तक इसमें देर कर…सूरा आयत 104/123 — सूरा हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा हूद सुनें, सूरा हूद अनुवाद, सूरा हूद mp3, सूरा हूद pdf. आयत 102–106. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा हूद
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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